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कृषि विभाग के एलआरपी ने की मानदेय एवं अन्य खर्च दिलाने की मांग
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उत्तरकाशी। काश्तकारों को खेती-बागवानी के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें कृषि संबंधी जानकारियां मुहैया कराने वाले कृषि विभाग के लीड रिसोर्स पर्सन (एलआरपी) निश्चित मानदेय और अन्य खर्च नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करने को मजबूर हैं। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में एलआरपी संगठन के अध्यक्ष मदन लाल शाह, अंबिका प्रसाद जगूड़ी, सुरेश, मुकेश, आशाराम आदि ने बताया कि वर्ष 2016 में कृषि विभाग में एलआरपी के पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। क्षेत्र के किसानों को कृषि बागवानी संबंधी जानकारी मुहैया कराने के लिए नियुक्त एलआरपी को वर्ष में दो बार ढाई-ढाई हजार मानदेय के साथ ही विभिन्न प्रशिक्षण आदि का खर्च देने का प्रावधान था, लेकिन तीन साल बीतने पर भी उन्हें महज एक बार ही मानदेय मिला है। उन्होंने कहा कि जब कृषि विभाग पूर्व में तैनात एलआरपी को ही मानदेय और व्यय नहीं दे पा रहा है, तो फिर नए कर्मियों को कहां से भुगतान होगा।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में एलआरपी संगठन के अध्यक्ष मदन लाल शाह, अंबिका प्रसाद जगूड़ी, सुरेश, मुकेश, आशाराम आदि ने बताया कि वर्ष 2016 में कृषि विभाग में एलआरपी के पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। क्षेत्र के किसानों को कृषि बागवानी संबंधी जानकारी मुहैया कराने के लिए नियुक्त एलआरपी को वर्ष में दो बार ढाई-ढाई हजार मानदेय के साथ ही विभिन्न प्रशिक्षण आदि का खर्च देने का प्रावधान था, लेकिन तीन साल बीतने पर भी उन्हें महज एक बार ही मानदेय मिला है। उन्होंने कहा कि जब कृषि विभाग पूर्व में तैनात एलआरपी को ही मानदेय और व्यय नहीं दे पा रहा है, तो फिर नए कर्मियों को कहां से भुगतान होगा।
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