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सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार
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sad
- फोटो : amarujala
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चिन्यालीसौड़। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवान आजाद सिंह रावत का शनिवार को कुमराड़ा गांव के पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कुमराड़ा गांव निवासी आजाद सिंह रावत भारतीय सेना की मेडिकल कोर में तैनात थे। दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के बाद वे वहीं रुके हुए थे। इस बीच अचानक तबियत बिगड़ने पर बीते बुधवार को उनका निधन हो गया था। शुक्रवार देर शाम आजाद का शव उनके गांव कुमराड़ा लाया गया। शनिवार को गांव के पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश रमोला, संजय डोभाल, मेजर (सेनि) आरएस जमनाल, सुमेर चंद रमोला, शंकर लाल आदि ने श्रद्धांजलि दी। आजाद के बड़े भाई प्रमुख विजेंद्र रावत ने बताया कि उसे एक शादी में शामिल होने के लिए नौ फरवरी को गांव आना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने बताया कि आजाद अपने पीछे पत्नी, बेटी, बेटा छोड़ गए हैं।
कुमराड़ा गांव निवासी आजाद सिंह रावत भारतीय सेना की मेडिकल कोर में तैनात थे। दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के बाद वे वहीं रुके हुए थे। इस बीच अचानक तबियत बिगड़ने पर बीते बुधवार को उनका निधन हो गया था। शुक्रवार देर शाम आजाद का शव उनके गांव कुमराड़ा लाया गया। शनिवार को गांव के पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश रमोला, संजय डोभाल, मेजर (सेनि) आरएस जमनाल, सुमेर चंद रमोला, शंकर लाल आदि ने श्रद्धांजलि दी। आजाद के बड़े भाई प्रमुख विजेंद्र रावत ने बताया कि उसे एक शादी में शामिल होने के लिए नौ फरवरी को गांव आना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने बताया कि आजाद अपने पीछे पत्नी, बेटी, बेटा छोड़ गए हैं।