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बार-बार आ रहे झटके दे रहे बड़े भूकंप का संकेत, फिर भी सबक लेने को तैयार नहीं लोग

Thu, 31 Jan 2019 10:10 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 10:10 PM IST
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बार-बार आ रहे झटके दे रहे बड़े भूकंप का संकेत, फिर भी सबक लेने को तैयार नहीं लोग
उत्तरकाशी। भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील जोन-4 व 5 में आने वाले उत्तरकाशी जनपद में निरंतर आते भूकंप के झटके किसी बड़ी आपदा का संकेत दे रहे हैं। बीते सात साल के भीतर जिले की धरती 18 बार डोल चुकी है। इसके बावजूद लोग सबक लेते नहीं दिख रहे हैं। जनपद के विभिन्न हिस्सों में भूकंप रोधी मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से बहुमंजिला भवनों का निर्माण हो रहा है। साथ ही भवनों के बीच मानक के अनुरूप जगह भी नहीं छोड़ी जा रही है।
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भूवैज्ञानिकों के अनुसार सीमांत जनपद उत्तरकाशी भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील जोन-4 व 5 के अंतर्गत आता है। टैक्टोनिक प्लेट्स जिले के नीचे से होकर गुजर रही हैं। इनमें सामान्य हलचल से ही जिले में भूकंप का खतरा बना हुआ है। 20 अक्तूबर 1991 को उत्तरकाशी में रिक्टर स्केल पर 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था। तब भूकंप में भारी तबाही मची थी। सैकड़ों भवन जमींदोज होने के साथ ही छह सौ से अधिक लोग काल के गाल में समा गए थे। इसके बाद भी जनपद में भूकंप झटकों की निरंतरता बनी हुई है। भूवैज्ञानिक भी क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका जता चुके हैं। बीते सात सालों के भीतर जिले में रिक्टर स्केल पर 2.5 तीव्रता से अधिक से 18 झटके दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि इनमें किसी तरह का जान माल का नुकसान नहीं हुआ। वर्ष 2013 और 2016 में सर्वाधिक 5-5 भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
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भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने के बावजूद लोग सबक लेने को राजी नहीं। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में ही देखें तो मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से भवनों का निर्माण हो रहा है। मानकों के अनुसार यहां साढ़े बारह मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों का निर्माण प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जमीन खोद कर बेसमेंट के साथ ही बहुमंजिला भवनों का निर्माण हो रहा है। साथ ही भवनों के बीच मानकों के अनुरूप जगह नहीं छोड़े जाने से बेतरतीब ढंग से बस रही घनी बस्तियां भविष्य में बड़ा भूकंप आने पर भारी तबाही की ओर इशारा कर रही है। आपदा प्रबंधन विभाग की भूमिका सिर्फ लोगों को जागरूक करने और विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की भूमिका नक्शे पास करने तक ही सीमित है।
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भूकंप के लिहाज से संवेदनशील उत्तरकाशी जनपद में लोगों को भूकंपरोधी मानकों के अनुरूप भवन बनाने के लिए जागरूक करने के साथ ही समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में मानकों की पड़ताल कर नक्शे पास करने की व्यवस्था है। इसमें यदि कहीं चूक हो रही है, तो इसे दिखवाया जाएगा।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।

बीते सालों में जिले में आए भूकंप के झटके
दिनांक------- रिक्टर स्केल पर तीव्रता
12-11-2012 --- 2.5
27-11-2012 --- 4.8
11=02-2013 --- 4.3
17-02-2013 --- 3.2
25-02-2013 --- 3.1
05-09-2013 --- 3.5
25-12-2013 --- 4.0
21-02-2016 --- 3.5
19-08-2016 --- 3.8
12-12-2016 --- 2.8
14-12-2016 --- 3.4
19-12-2016 --- 3.4
23-01-2017 --- 3.5
10-04-2017 --- 3.8
12-06-2017 --- 3.0
16-10-2018 --- 3.2
31-01-2019 --- 2.8
31-01-2019 --- 3.5
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