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बारिश-बर्फबारी और जबर्दस्त शीतलहर के चलते जिले में जनजीवन अस्त व्यस्त
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उत्तरकाशी। जिले के निचली घाटियों में शुक्रवार तड़के से फिर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। तीन सौ से अधिक गांव बर्फ के आगोश में हैं। भारी बर्फबारी के चलते यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत जिले के दो दर्जन संपर्क मोटर मार्ग अवरुद्ध होने से बड़ी आबादी का जिला एवं तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बिजली एवं दूरसंचार सेवाएं ठप पड़ने से ग्रामीणों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
इसी हफ्ते की शुरूआत में तीन दिनों तक जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। बृहस्पतिवार को मौसम में कुछ घंटों की मोहलत तो दी, लेकिन शुक्रवार तड़के से एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। समाचार लिखे जाने तक जिले में समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से आच्छादित हो गए हैं। बर्फ से ढके तीन सौ से अधिक गांवों के ग्रामीण खराब मौसम और शीतलहर के चलते घरों में कैद होकर रह गए हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 7 डिग्री तथा न्यूनतम माइनस 4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे ही बना हुआ है। इसके चलते जिले में जबर्दस्त शीतलहर चल रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड के कारण पाइप फटने से घरों तक पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। बर्फबारी के कारण प्राकृतिक स्रोतों तक पहुंचने की स्थिति नहीं बनने के कारण लोग बर्फ गलाकर पीने का पानी जुटाने को मजबूर हैं। विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण लोग लैंप एवं मशाल जलाकर रात के समय घरों को रोशन कर रहे हैं।
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यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत 24 सड़कें बर्फबारी से अवरुद्ध
उत्तरकाशी। बृहस्पतिवार को बीआरओ, एनएच और लोनिवि द्वारा बर्फ से अवरुद्ध सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास शुक्रवार को ठप पड़ गए। गंगोत्री हाईवे गंगनानी से आगे बर्फ से पटा हुआ है। इस हिस्से में कई जगहों पर दो से पांच फीट तक बर्फ जमा है। धरासू-यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप तथा हनुमानचट्टी से आगे यातायात ठप हो गया है। हाईवे के अलावा भटवाड़ी-रैथल, भटवाड़ी-बार्सू, उत्तरकाशी-लंबगांव, कमद-अयांरखाल, बड़ेथी-बनचौरा, सिल्क्यारा-सरोट, भड़कोट-पुजारगांव, त्यूनी-पुरोला, चीवां-मोंडा, बरनाली-माकुड़ी, आराकोट-थुनारा, गमरी-मैंजणी, मोरी-जखोल, नैटवाड़-दोणी, सांकरी-तालुका आदि दो दर्जन संपर्क मोटर मार्ग भी बर्फबारी के चलते अवरुद्ध हैं।
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पांच दिनों से अंधेरे में डूबे हैं जिले के दर्जनों गांव
उत्तरकाशी। मौसम की बेरुखी विद्युत आपूर्ति पर भी भारी पड़ रही है। बारिश और बर्फबारी के कारण लाइन में फॉल्ट आने की वजह से जिले के दर्जनों गांव पांच दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने में दिक्कतें आ रही हैं। गंगा घाटी के उपला टकनौर, असी गंगा घाटी, रनाड़ी, स्याबा, पिलंग, जौड़ाऊ सहित करीब 20 गांवों में बीते 21 जनवरी से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है, जबकि यमुना घाटी की गीठ पट्टी एवं कफनौल क्षेत्र, पुरोला के सरबडियार, कामरा, सांखाल, तथा मोरी ब्लाक में गोविंद वन्य जीव विहार के 42 गांवों में भी बीते पांच दिनों से बिजली गुल है। विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता गौरव सकलानी ने स्वीकारा कि लाइन में फॉल्ट आने के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रयास निरंतर जारी हैं। बारिश-बर्फबारी का सिलसिला थमने तथा सड़क पर यातायात सुचारु होते ही सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी।
इसी हफ्ते की शुरूआत में तीन दिनों तक जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। बृहस्पतिवार को मौसम में कुछ घंटों की मोहलत तो दी, लेकिन शुक्रवार तड़के से एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। समाचार लिखे जाने तक जिले में समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से आच्छादित हो गए हैं। बर्फ से ढके तीन सौ से अधिक गांवों के ग्रामीण खराब मौसम और शीतलहर के चलते घरों में कैद होकर रह गए हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 7 डिग्री तथा न्यूनतम माइनस 4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे ही बना हुआ है। इसके चलते जिले में जबर्दस्त शीतलहर चल रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड के कारण पाइप फटने से घरों तक पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। बर्फबारी के कारण प्राकृतिक स्रोतों तक पहुंचने की स्थिति नहीं बनने के कारण लोग बर्फ गलाकर पीने का पानी जुटाने को मजबूर हैं। विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण लोग लैंप एवं मशाल जलाकर रात के समय घरों को रोशन कर रहे हैं।
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यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत 24 सड़कें बर्फबारी से अवरुद्ध
उत्तरकाशी। बृहस्पतिवार को बीआरओ, एनएच और लोनिवि द्वारा बर्फ से अवरुद्ध सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास शुक्रवार को ठप पड़ गए। गंगोत्री हाईवे गंगनानी से आगे बर्फ से पटा हुआ है। इस हिस्से में कई जगहों पर दो से पांच फीट तक बर्फ जमा है। धरासू-यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप तथा हनुमानचट्टी से आगे यातायात ठप हो गया है। हाईवे के अलावा भटवाड़ी-रैथल, भटवाड़ी-बार्सू, उत्तरकाशी-लंबगांव, कमद-अयांरखाल, बड़ेथी-बनचौरा, सिल्क्यारा-सरोट, भड़कोट-पुजारगांव, त्यूनी-पुरोला, चीवां-मोंडा, बरनाली-माकुड़ी, आराकोट-थुनारा, गमरी-मैंजणी, मोरी-जखोल, नैटवाड़-दोणी, सांकरी-तालुका आदि दो दर्जन संपर्क मोटर मार्ग भी बर्फबारी के चलते अवरुद्ध हैं।
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पांच दिनों से अंधेरे में डूबे हैं जिले के दर्जनों गांव
उत्तरकाशी। मौसम की बेरुखी विद्युत आपूर्ति पर भी भारी पड़ रही है। बारिश और बर्फबारी के कारण लाइन में फॉल्ट आने की वजह से जिले के दर्जनों गांव पांच दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने में दिक्कतें आ रही हैं। गंगा घाटी के उपला टकनौर, असी गंगा घाटी, रनाड़ी, स्याबा, पिलंग, जौड़ाऊ सहित करीब 20 गांवों में बीते 21 जनवरी से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है, जबकि यमुना घाटी की गीठ पट्टी एवं कफनौल क्षेत्र, पुरोला के सरबडियार, कामरा, सांखाल, तथा मोरी ब्लाक में गोविंद वन्य जीव विहार के 42 गांवों में भी बीते पांच दिनों से बिजली गुल है। विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता गौरव सकलानी ने स्वीकारा कि लाइन में फॉल्ट आने के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रयास निरंतर जारी हैं। बारिश-बर्फबारी का सिलसिला थमने तथा सड़क पर यातायात सुचारु होते ही सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी।