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गीठ बजरी के ग्रामीणों ने की क्षेत्र में कैंप लगाकर आलू की खरीद करने की मांग
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:20 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। बारिश व भूस्खलन से खस्ताहाल हुए यमुनोत्री हाईवे के कारण पर्यटन कारोबार प्रभावित होने के साथ ही अब ग्रामीणों के सामने आलू आदि नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाने की समस्या खड़ी हो गई है, जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने सरकार से क्षेत्र में ही आलू की खरीद करने व कृषि ऋण का ब्याज माफ करने की मांग की है।
बता दें कि इस वर्ष ओजरी डबरकोट में लगातार भूस्खलन होने तथा जंगलचट्टी व फूलचट्टी में सड़क खस्ताहाल होने के कारण यमुनोत्री हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। यात्रा तो जैसे तैसे निपट गई, लेकिन अब क्षेत्र के ग्रामीणों को खेतों में तैयार आलू आदि नकदी फसलें मंडी तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। गीठ बजरी पट्टी के ग्रामीणों की आर्थिकी पूरी तरह आलू, चौलाई, राजमा आदि नकदी फसलों पर टिकी है, लेकिन हाईवे के हालात को देखते हुए इस पर भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही मुश्किल है।
शुक्रवार को गीठ बजरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बार-बार हाईवे अवरुद्ध होने तथा कई स्थानों पर मार्ग खस्ताहाल होने के कारण खेतों में तैयार आलू की फसल मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। समय रहते फसल मंडी तक नहीं पहुंची, तो खेतों में ही बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार से जानकीचट्टी, हनुमानचट्टी, रानाचट्टी व स्यानाचट्टी में कैंप लगाकर आलू की फसल की खरीद करने तथा कृषि ऋण का एक साल का ब्याज माफ करने की मांग की। इस मौके पर लोकेश चौहान, पंकज पंवार, महावीर सिंह, प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि इस वर्ष ओजरी डबरकोट में लगातार भूस्खलन होने तथा जंगलचट्टी व फूलचट्टी में सड़क खस्ताहाल होने के कारण यमुनोत्री हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। यात्रा तो जैसे तैसे निपट गई, लेकिन अब क्षेत्र के ग्रामीणों को खेतों में तैयार आलू आदि नकदी फसलें मंडी तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। गीठ बजरी पट्टी के ग्रामीणों की आर्थिकी पूरी तरह आलू, चौलाई, राजमा आदि नकदी फसलों पर टिकी है, लेकिन हाईवे के हालात को देखते हुए इस पर भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही मुश्किल है।
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शुक्रवार को गीठ बजरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बार-बार हाईवे अवरुद्ध होने तथा कई स्थानों पर मार्ग खस्ताहाल होने के कारण खेतों में तैयार आलू की फसल मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। समय रहते फसल मंडी तक नहीं पहुंची, तो खेतों में ही बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार से जानकीचट्टी, हनुमानचट्टी, रानाचट्टी व स्यानाचट्टी में कैंप लगाकर आलू की फसल की खरीद करने तथा कृषि ऋण का एक साल का ब्याज माफ करने की मांग की। इस मौके पर लोकेश चौहान, पंकज पंवार, महावीर सिंह, प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे।
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