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पानी के लिए महिलाओं ने किया अधिकारियों का घेराव
Updated Wed, 23 May 2018 10:53 PM IST
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बड़कोट। पालिका क्षेत्र में पेयजल किल्लत से गुस्साई महिलाओं ने जल संस्थान के जेई और तहसीलदार का घेराव कर रोष जताया। उन्होंने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंच रही तीर्थयात्रियों की भीड़ के ठहराव और गर्मियों में जलस्रोतों पर वाटर डिस्चार्ज कम होने के कारण नगर में पेयजल संकट गहराने लगा है। नगर के वार्ड नंबर चार में कई दिन से पेयजल किल्लत से परेशान महिलाओं का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। उन्होंने तहसीलदार के दफ्तर पहुंचकर रोष जताया और जल संस्थान के अधिकारी को तलब कर समस्या का समाधान कराने की मांग की। महिलाओं ने तहसीलदार के साथ ही मौके पर पहुंचे जल संस्थान के जेई का घेराव कर शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। साथ ही पेयजल आपूर्ति सुचारु होने तक वार्ड में टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने को कहा। जल संस्थान के जेई देवराज तोमर ने शीघ्र मौका मुआयना कर पेयजल समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। तब जाकर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। आंदोलनकारियों में संगीता देवी, प्रेमवती देवी, नीलम चौहान, अमिता देवी, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मंजू देवी, चमन देई आदि शामिल थीं।
ज्ञानसू व डुंडा में गहराया पेयजल संकट
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय की ज्ञानसू बस्ती में पेयजल संकट गहराने लगा है। यूं तो जल संस्थान ने जिला मुख्यालय और इसके निकटवर्ती जोशियाड़ा, लदाड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए करीब आठ करोड़ रुपये लागत से पंपिंग योजनाएं तैयार की है, लेकिन ज्ञानसू और जोशियाड़ा वाली योजना पर टैंक नहीं होने के कारण पंपिंग योजनाओं से भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नगर क्षेत्र में आजकल तीर्थयात्रियों के ठहराव और होटलों में टुल्लू पंप लगाए जाने से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा हीना, टिपरा बिष्ट आदि गांवों में भी पेयजल संकट बना हुआ है। जल संस्थान की जिले में बनी 375 पेयजल योजनाओं में से अधिकांश पर वाटर डिस्चार्ज में गिरावट आई है। उधर, डुुंडा बाजार व भट्ट मोहल्ले में भी पांच दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों का कहना है कि जल संस्थान से शिकायत के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही है।
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यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंच रही तीर्थयात्रियों की भीड़ के ठहराव और गर्मियों में जलस्रोतों पर वाटर डिस्चार्ज कम होने के कारण नगर में पेयजल संकट गहराने लगा है। नगर के वार्ड नंबर चार में कई दिन से पेयजल किल्लत से परेशान महिलाओं का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। उन्होंने तहसीलदार के दफ्तर पहुंचकर रोष जताया और जल संस्थान के अधिकारी को तलब कर समस्या का समाधान कराने की मांग की। महिलाओं ने तहसीलदार के साथ ही मौके पर पहुंचे जल संस्थान के जेई का घेराव कर शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। साथ ही पेयजल आपूर्ति सुचारु होने तक वार्ड में टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने को कहा। जल संस्थान के जेई देवराज तोमर ने शीघ्र मौका मुआयना कर पेयजल समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। तब जाकर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। आंदोलनकारियों में संगीता देवी, प्रेमवती देवी, नीलम चौहान, अमिता देवी, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मंजू देवी, चमन देई आदि शामिल थीं।
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ज्ञानसू व डुंडा में गहराया पेयजल संकट
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय की ज्ञानसू बस्ती में पेयजल संकट गहराने लगा है। यूं तो जल संस्थान ने जिला मुख्यालय और इसके निकटवर्ती जोशियाड़ा, लदाड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए करीब आठ करोड़ रुपये लागत से पंपिंग योजनाएं तैयार की है, लेकिन ज्ञानसू और जोशियाड़ा वाली योजना पर टैंक नहीं होने के कारण पंपिंग योजनाओं से भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नगर क्षेत्र में आजकल तीर्थयात्रियों के ठहराव और होटलों में टुल्लू पंप लगाए जाने से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा हीना, टिपरा बिष्ट आदि गांवों में भी पेयजल संकट बना हुआ है। जल संस्थान की जिले में बनी 375 पेयजल योजनाओं में से अधिकांश पर वाटर डिस्चार्ज में गिरावट आई है। उधर, डुुंडा बाजार व भट्ट मोहल्ले में भी पांच दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों का कहना है कि जल संस्थान से शिकायत के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही है।
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