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ग्रामीणों ने की सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण को तुड़वाने की मांग
Updated Wed, 23 May 2018 10:52 PM IST
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उत्तरकाशी। मिनरल वॉटर प्लांट के लिए बेची गई जमीन पर होटल बनने के विरोध में सैंज गांव के ग्रामीणों का धरना 40वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसमें कराए गए निर्माण को तुड़वाने की मांग की।
सैंज गांव के ग्रामीणों द्वारा तीन दशक पूर्व मिनरल वॉटर प्लांट स्थापित करने के लिए अपनी जमीन बेची थी, लेकिन कुछ सालों तक प्लांट चलाने के बाद कंपनी ने फैक्ट्री बंद कर जमीन किसी होटल कारोबारी को बेचने की तैयारी कर दी। बुधवार को आंदोलन के 40वें दिन ग्रामीणों ने कंपनी पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने बेची गई जमीन के आसपास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसमें अवैध निर्माण करा दिया है, जबकि पूर्व में हुए कब्जे को वर्ष 2000 में जिला न्यायालय द्वार तुड़वाया गया था। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी भटवाड़ी को ज्ञापन सौंपकर फिर से किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है। आंदोलनकारियों में अरविंद नेगी, रामचंद्र पंवार, परमानंद रतूड़ी, भानू प्रकाश भंडारी, मदन रावत, सरोज देवी, मंजू राणा, शिचंद्री देवी आदि मौजूद रहे।
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सैंज गांव के ग्रामीणों द्वारा तीन दशक पूर्व मिनरल वॉटर प्लांट स्थापित करने के लिए अपनी जमीन बेची थी, लेकिन कुछ सालों तक प्लांट चलाने के बाद कंपनी ने फैक्ट्री बंद कर जमीन किसी होटल कारोबारी को बेचने की तैयारी कर दी। बुधवार को आंदोलन के 40वें दिन ग्रामीणों ने कंपनी पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने बेची गई जमीन के आसपास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसमें अवैध निर्माण करा दिया है, जबकि पूर्व में हुए कब्जे को वर्ष 2000 में जिला न्यायालय द्वार तुड़वाया गया था। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी भटवाड़ी को ज्ञापन सौंपकर फिर से किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है। आंदोलनकारियों में अरविंद नेगी, रामचंद्र पंवार, परमानंद रतूड़ी, भानू प्रकाश भंडारी, मदन रावत, सरोज देवी, मंजू राणा, शिचंद्री देवी आदि मौजूद रहे।
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