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चाईंशील बुग्याल क्षेत्र में फंसे आखिरी पर्यटक को भी हेलीकॉप्टर की मदद से निकाला
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:40 PM IST
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पुरोला (उत्तरकाशी)। चाईंशील बुग्याल के पड़ाव काशमोल्टी थाच में फंसे आखिरी पर्यटक को भी शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। दल में शामिल गाइड, पोर्टर सहित 45 अन्य पर्यटकों को पैदल मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ रेस्क्यू अभियान समाप्त हो गया।
यूथ हास्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का 48 सदस्यीय दल खराब मौसम के कारण बीते 10 अप्रैल को चाईंशील बुग्याल में फंस गया था। इनके बचाव के लिए राजस्व, एसडीआरएफ, पुलिस एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया। 11 तारीख की सुबह रेस्क्यू टीम ने महाराष्ट्र निवासी सुमित सदानंद कावले का शव बरामद कर लिया था, जबकि अन्य सदस्यों को एकत्र कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस बीच दल में शामिल दो पर्यटकों की तबियत काशमोल्टी थाच में बिगड़ने के कारण उन्हें पैदल मार्ग से नीचे लाने की स्थिति नहीं बन पायी थी।
बृहस्पतिवार शाम को काशमोल्टी थाच से गुजरात निवासी दिलीप कुमार जाधव (62) को हेलीकॉप्टर की मदद से देहरादून पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हरिद्वार निवासी प्रदीप कुमार को शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से देहरादून पहुंचाया गया। रेस्क्यू टीम ने शेष पर्यटकों को पैदल रास्ते से होते हुए सड़क मार्ग से सुरक्षित देहरादून पहुंचा दिया।
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ऐसे तो बदनाम हो जाएगा जिले का पर्यटन
पुरोला। ट्रैक ऑफ द ईयर का दर्जा प्राप्त चाईंशील बुग्याल में ट्रैकिंग के दौरान दो पर्यटकों की मौत ने सरकार के पर्यटन को बढ़ावा देने के दावों की पोल खोल दी है। चार दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी और जानकारी का अभाव साफ नजर आया। उत्तरकाशी के टौंस वन प्रभाग पुरोला के अंतर्गत आने वाले बुग्याल में पहुंचे पर्यटकों की पूरी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों के पास नहीं थी। इन पर्यटकों को कोई बाहरी एजेंसी यहां लेकर आयी। इसमें स्थानीय पंजीकृत एजेंसी को शामिल नहीं किया गया। दल में कई बुजुर्ग ट्रैकर्स भी शामिल थे, जिनकी स्वास्थ्य जांच किए बगैर ही उन्हें इस दुर्गम ट्रैक पर जाने की अनुमति दे दी गई।
कोट:
बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों से घटना की ग्राउंड रिपोर्ट मांगी गई है। टूर ऑपरेटरों की तैयारियों में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों के मेडिकल चेअकप एवं सुरक्षा इंतजामों को लेकर नियमों को कठोर किया जाएगा।
पूरण सिंह राणा, एसडीएम, पुरोला।
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यूथ हास्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का 48 सदस्यीय दल खराब मौसम के कारण बीते 10 अप्रैल को चाईंशील बुग्याल में फंस गया था। इनके बचाव के लिए राजस्व, एसडीआरएफ, पुलिस एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया। 11 तारीख की सुबह रेस्क्यू टीम ने महाराष्ट्र निवासी सुमित सदानंद कावले का शव बरामद कर लिया था, जबकि अन्य सदस्यों को एकत्र कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस बीच दल में शामिल दो पर्यटकों की तबियत काशमोल्टी थाच में बिगड़ने के कारण उन्हें पैदल मार्ग से नीचे लाने की स्थिति नहीं बन पायी थी।
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बृहस्पतिवार शाम को काशमोल्टी थाच से गुजरात निवासी दिलीप कुमार जाधव (62) को हेलीकॉप्टर की मदद से देहरादून पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हरिद्वार निवासी प्रदीप कुमार को शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से देहरादून पहुंचाया गया। रेस्क्यू टीम ने शेष पर्यटकों को पैदल रास्ते से होते हुए सड़क मार्ग से सुरक्षित देहरादून पहुंचा दिया।
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ऐसे तो बदनाम हो जाएगा जिले का पर्यटन
पुरोला। ट्रैक ऑफ द ईयर का दर्जा प्राप्त चाईंशील बुग्याल में ट्रैकिंग के दौरान दो पर्यटकों की मौत ने सरकार के पर्यटन को बढ़ावा देने के दावों की पोल खोल दी है। चार दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी और जानकारी का अभाव साफ नजर आया। उत्तरकाशी के टौंस वन प्रभाग पुरोला के अंतर्गत आने वाले बुग्याल में पहुंचे पर्यटकों की पूरी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों के पास नहीं थी। इन पर्यटकों को कोई बाहरी एजेंसी यहां लेकर आयी। इसमें स्थानीय पंजीकृत एजेंसी को शामिल नहीं किया गया। दल में कई बुजुर्ग ट्रैकर्स भी शामिल थे, जिनकी स्वास्थ्य जांच किए बगैर ही उन्हें इस दुर्गम ट्रैक पर जाने की अनुमति दे दी गई।
कोट:
बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों से घटना की ग्राउंड रिपोर्ट मांगी गई है। टूर ऑपरेटरों की तैयारियों में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों के मेडिकल चेअकप एवं सुरक्षा इंतजामों को लेकर नियमों को कठोर किया जाएगा।
पूरण सिंह राणा, एसडीएम, पुरोला।