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बेमौसम बारिश ने सेब उत्पादन की उम्मीदों पर फेरा पानी
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:32 PM IST
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उत्तरकाशी। बेमौसम बारिश की झड़ी फल उत्पादन से जुड़े किसानों की अच्छी फसल की उम्मीद पर पानी फेरने का काम कर रही है। बेमौसम बारिश से सेब के फूल झड़ रहे हैं। नाशपाती को छोड़कर अखरोट, खुमानी की फसल भी प्रभावित हुई है।
मोरी, नैटवाड़, सांकरी क्षेत्र में किसानों ने सेब की अच्छी फसल की उम्मीद के साथ हिमाचल प्रदेश से पांच ट्रक मधुमक्खियों के बॉक्स मंगा कर बागीचों में लगाए थे। उद्यान विभाग ने भी किसानों की मांग पर हरिद्वार से मधुमक्खियों के बॉक्स मंगाए थे। लेकिन अब बेमौसमी बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण सेब के पेड़ों से आधे से अधिक फूल झड़ गए हैं। उपला टकनौर क्षेत्र के सेब के बागीचों में बारिश के कारण जंगली मधुमक्खियां, तितली एवं अन्य कीट पतंगे फूलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे परागण क्रिया बाधित हो रही है। नैटवाड़ के सेब काश्तकार जाजमोहन सिंह, सुक्की के मोहन सिंह राणा आदि ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव सेब की फसल पर भारी पड़ रही है। निचले क्षेत्रों में बारिश से टमाटर, फ्रेंचबीन एवं आलू की फसल के लिए यह बारिश अच्छी मानी जा रही है, लेकिन बारिश से गेहूं और मसूर की फसल पर भी बीमारी का खतरा पैदा हो गया है।
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मोरी, नैटवाड़, सांकरी क्षेत्र में किसानों ने सेब की अच्छी फसल की उम्मीद के साथ हिमाचल प्रदेश से पांच ट्रक मधुमक्खियों के बॉक्स मंगा कर बागीचों में लगाए थे। उद्यान विभाग ने भी किसानों की मांग पर हरिद्वार से मधुमक्खियों के बॉक्स मंगाए थे। लेकिन अब बेमौसमी बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण सेब के पेड़ों से आधे से अधिक फूल झड़ गए हैं। उपला टकनौर क्षेत्र के सेब के बागीचों में बारिश के कारण जंगली मधुमक्खियां, तितली एवं अन्य कीट पतंगे फूलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे परागण क्रिया बाधित हो रही है। नैटवाड़ के सेब काश्तकार जाजमोहन सिंह, सुक्की के मोहन सिंह राणा आदि ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव सेब की फसल पर भारी पड़ रही है। निचले क्षेत्रों में बारिश से टमाटर, फ्रेंचबीन एवं आलू की फसल के लिए यह बारिश अच्छी मानी जा रही है, लेकिन बारिश से गेहूं और मसूर की फसल पर भी बीमारी का खतरा पैदा हो गया है।
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