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पूर्व नियमावली के आधार पर ही परीक्षा कराने की मांग
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:09 PM IST
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उत्तरकाशी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से उद्यान विभाग के विभिन्न पदों के लिए पूर्व में जारी विज्ञप्ति को रद्द करने पर शिक्षित बेरोजगारों ने रोष जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मौजूदा 308 पदों पर पूर्व की नियमावली के आधार पर ही परीक्षा कराने की मांग की है।
आयोग ने अगस्त 2016 में उद्यान विभाग में पर्यवेक्षक के 95 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके लिए दो बार परीक्षा तिथि भी घोषित की गई। इसके बाद 17 नवंबर 2017 को दोबारा उद्यान विभाग में 308 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई, लेकिन अब आयोग ने पूर्व की नियमावली में संशोधन का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले रमेश चमोली, मनोज जोशी ने बताया कि आयोग के इस निर्णय से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आयोग की तानाशाही पर रोक लगाते हुए पूर्व नियमावली के आधार पर ही परीक्षा कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संदीप सेमवाल, राजेश बिजल्वाण, प्रवीण बिजल्वाण, नरेंद्र जोशी, कमलकांत जोशी, कुलदीप चौहान, रोशन कुमार, जितेंद्र भंडारी, बृजेश कुमार, नितिन पुरी आदि शामिल हैं।
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आयोग ने अगस्त 2016 में उद्यान विभाग में पर्यवेक्षक के 95 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके लिए दो बार परीक्षा तिथि भी घोषित की गई। इसके बाद 17 नवंबर 2017 को दोबारा उद्यान विभाग में 308 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई, लेकिन अब आयोग ने पूर्व की नियमावली में संशोधन का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले रमेश चमोली, मनोज जोशी ने बताया कि आयोग के इस निर्णय से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आयोग की तानाशाही पर रोक लगाते हुए पूर्व नियमावली के आधार पर ही परीक्षा कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संदीप सेमवाल, राजेश बिजल्वाण, प्रवीण बिजल्वाण, नरेंद्र जोशी, कमलकांत जोशी, कुलदीप चौहान, रोशन कुमार, जितेंद्र भंडारी, बृजेश कुमार, नितिन पुरी आदि शामिल हैं।
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