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डीएम ने दी स्वास्थ्य सेवाओं में भावनात्मक दृष्टिकोण लाने की सलाह
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:33 PM IST
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उत्तरकाशी। जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए डीएम डा. आशीष चौहान ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्य में भावनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को 26 जनवरी व 15 अगस्त पर पुरस्कृत किया जाएगा।
डीएम ने जिला अस्पताल में तैनात डाक्टरों को माह में दो बार दुर्गम क्षेत्रों में शिविर लगाने का आदेश दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सूची उपलब्ध कराने तथा वन गुजरों के बच्चों की संख्या भी पता लगाने को कहा। उन्होंने पटवारियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों से अपने क्षेत्रों के बच्चों को 11 दिसंबर को आयोजित मानसिक अक्षमता शिविर में लाने के भी आदेश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य, जिला शिक्षा अधिकारी जेएस रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी बीएस रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी मोहित चौधरी आदि मौजूद थे।
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डीएम ने जिला अस्पताल में तैनात डाक्टरों को माह में दो बार दुर्गम क्षेत्रों में शिविर लगाने का आदेश दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सूची उपलब्ध कराने तथा वन गुजरों के बच्चों की संख्या भी पता लगाने को कहा। उन्होंने पटवारियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों से अपने क्षेत्रों के बच्चों को 11 दिसंबर को आयोजित मानसिक अक्षमता शिविर में लाने के भी आदेश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य, जिला शिक्षा अधिकारी जेएस रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी बीएस रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी मोहित चौधरी आदि मौजूद थे।
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