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गढ़वाली भजन माला ‘‘तु रैंन्दी कुलै का बीच मॉ ‘‘ का विवोचन
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:42 PM IST
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बड़कोट। श्रीमद् भागवत कथा आस्था का माध्यम ही नही समाज में फैली कुरूतियों को समाप्त करने के लिए व्यास पीठ से प्रवचन का एक आधार भी है। यह बात पालिका के वार्ड नंबर दो के चकाली छटांगा में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण के दौरान व्यास पीठ से श्रीराम महाराज ने कही। इस दौरान व्यास श्रीराम की गढ़वाली भजन माला ‘तु रैंन्दी कुलै का बीच मां’ का विमोचन भी किया गया।
कथा में बौख देवता की डोली, तटेश्वर महादेव की डोली, अठासीण भगवती बड़कोट और भटासीण भगवती कंसेरू भाटिया की डोली के ग्रामीणों को दर्शन हो रहे हैं। इस मौके पर आचार्य मुंशी राम बेलवाल, भगत सिंह जयाडा, शंकर दत्त, शिव प्रसाद, विजय नौटियाल, चंडी प्रसाद, सूरजमणी थपलियाल, अरविंद पैन्यूली आदि मौजूद थे।
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कथा में बौख देवता की डोली, तटेश्वर महादेव की डोली, अठासीण भगवती बड़कोट और भटासीण भगवती कंसेरू भाटिया की डोली के ग्रामीणों को दर्शन हो रहे हैं। इस मौके पर आचार्य मुंशी राम बेलवाल, भगत सिंह जयाडा, शंकर दत्त, शिव प्रसाद, विजय नौटियाल, चंडी प्रसाद, सूरजमणी थपलियाल, अरविंद पैन्यूली आदि मौजूद थे।
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