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पुलिया बहने से दस घंटे फंसे रहे कांवडियां
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:22 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री गोमुख ट्रैक पर सोमवार रात हमक्या गदेरे पर बनी पुलिया बहने से 80 कांवड़ यात्री दस घंटे तक फंसे रहे। मंगलवार को प्रशासन और वन विभाग ने अस्थाई पुलिया बना कर चार बजे तक सभी कांवड़ियों को गंगोत्री पहुंचाया। भोजवासा और भुजगढ़ी के बीच कच्चाढांग का एक किमी भूस्खलन क्षेत्र भी भारी बारिश से जोखिम भरा बना हुआ है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को गोमुख की कांवड़ यात्रा रोक दी। बुधवार को भी मौसम को देखते हुए यात्रियों को गोमुख जाने की इजाजत दी जाएगी।
बारिश से कनखू बैरियर के डेढ़ किमी आगे हमक्या गदेरे में बनी पुलिया बह गई। इस स्रोत से बनी गंगोत्री पेयजल योजना की लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। गोमुख से गंगा जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों को इस गदेरे को पार कर गंगोत्री पहुंचने के लिए दस घंटे का इंतजार करना पड़ा। गंगोत्री में तैनात यात्रा मजिस्ट्रेट चक्रधर सेमवाल ने बताया कि पुलिया बहने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेज दिया गया था। वन विभाग ने उनकी मदद लेकर लकड़ी की अस्थाई पुलिया तैयार कर शाम चार बजे तक सभी कांवड़ियों को सकुशल गंगोत्री की ओर पहुंचा दिया। जल संस्थान ने भी गदेरे में बही पेयजल को चालू करने का काम शुरू कर दिया है।
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बारिश से कनखू बैरियर के डेढ़ किमी आगे हमक्या गदेरे में बनी पुलिया बह गई। इस स्रोत से बनी गंगोत्री पेयजल योजना की लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। गोमुख से गंगा जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों को इस गदेरे को पार कर गंगोत्री पहुंचने के लिए दस घंटे का इंतजार करना पड़ा। गंगोत्री में तैनात यात्रा मजिस्ट्रेट चक्रधर सेमवाल ने बताया कि पुलिया बहने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेज दिया गया था। वन विभाग ने उनकी मदद लेकर लकड़ी की अस्थाई पुलिया तैयार कर शाम चार बजे तक सभी कांवड़ियों को सकुशल गंगोत्री की ओर पहुंचा दिया। जल संस्थान ने भी गदेरे में बही पेयजल को चालू करने का काम शुरू कर दिया है।
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