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पीड़ितों की मदद को बढ़े सोशल मीडिया के कदम
देहरादून/नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2013 01:40 AM IST
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आम आदमी के जीवन में ताकझांक का जरिया बन चुकी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट मुश्किल की घड़ी में मददगार भी साबित हो रही हैं।
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उत्तराखंड की त्रासदी में फंसे लोगों की मदद के लिए फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस जैसे सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट की सहायता आम आदमी से लेकर सरकार तक ले रही है।
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इनका इस्तेमाल आपदा में फंसे लोगों की खोज खबर और उनकी मदद के लिए किया जा रहा है। महत्वपूर्ण यह है कि इस मंच के जरिए अपनों की मदद के लिए की गई अपील कारगर भी साबित हो रही है।
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प्रदेश के उत्तरी भाग के क्षतिग्रस्त इलाकों में मदद के लिए उत्तराखंड टूरिज्म की ओर से हेल्पलाइन नंबर को फेसबुक पर शेयर किया गया है।
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इन नंबर के जरिए प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की सलामती की जानकारी भी पाई जा सकती है। बड़ी संख्या में लोग इन नंबरों को नेटवर्किंग ग्रुप में शेयर कर आपदा में फंसे लोगों की मदद की अपील कर रहे हैं।
इसी तरह केंद्र सरकार भी उत्तराखंड में राहत कार्य के लिए उठाए जा रहे कदमों की तत्काल जानकारी ट्विटर के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में लगी हुई है।
तो दूसरी ओर इनके ट्वीट पर नजर रखने वालों को भी सरकारी सहायता और सेना के ऑपरेशन के बारे में पता चल रहा है। जबकि इन संदेशों को रिट्वीट कर आम जन तक सूचनाएं पहुंचाई जा रही है।
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इसके अलावा लापता लोगों के फोटो फेसबुक, ऑरकुट या गूगल प्लस जैसी वेबसाइट पर जारी कर उनके बारे में खोज खबर ली जा रही है।
एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले संजीव ने बताया कि चार धाम की यात्रा पर निकले उनके परिजनों की जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने अपने परिजनों का फोटो और ब्योरा फेसबुक, ट्विटर पर अपलोड किया था।
इसके बाद उन्हें अपने परिजनों के बारे में कुछ जानकारी मिल सकी है। इससे उन्हें काफी राहत मिली।