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हादसों को दावत दे रही हैं 'आपदा' की सड़कें
अमर उजाला, नैनबाग (टिहरी)
Updated Fri, 15 Nov 2013 07:58 PM IST
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उत्तराखंड में जून की जलप्रलय में क्षतिग्रस्त हुई सड़कें पांच माह बाद भी सुधर नहीं पाई हैं। जौनपुर क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक सड़कें और क्षतिग्रस्त दीवारें राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
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आवाजाही प्रभावित
दोनों ओर लगे मलबे के ढेर से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। जून में आई दैवी आपदा के कारण दर्जनों सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थी जिन्हें लोनिवि ने आवाजाही के लिए खोल दिया था लेकिन परोगी-कांडी, अगलाड़-थत्यूड़, थत्यूड-बंगसील, थत्यूड़-कंकूडू, कफोल्टा-अग्यारना, थत्यूड़-महड़, थत्यूड़-मराड़, थत्यूड़-मोंगलोड़ी मोटर के दर्जनों स्थानों पर मलबा पसरा पड़ा है, दीवारें क्षतिग्रस्त, नारदानें बंद और सड़क में गड्ढे़ होने के कारण मुसाफिरों के लिए खतरा बना हुआ है।
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सड़क पगडंडीनुमा
दोनों ओर मलबे के ढेर लगे होने के कारण सड़क पगडंडीनुमा हो गई है। पूर्व क्षेत्र पंचायत राजेंद्र रावत, अतोल सिंह गुसाईं और दिनेश रावत ने कहा कि लोनिवि से कई बार सड़कों पर आए मलबे हटाने की मांग की जा चुकी है लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं। उन्होंने जल्द सड़कों की दशा न सुधारे जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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