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आग बुझाने के लिए उत्तराखंड ने यूपी से मांगे 500 फायरकर्मी

Mon, 02 May 2016 03:36 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 May 2016 03:36 PM IST
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uttarakhand demand 500 fire worker from UP
आग - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटनाओं पर काबू पाने में मैन पावर की कमी आ रही है। वन विभाग ने यूपी से पांच सौ फायरकर्मी मांगे हैं। साथ ही वनाग्नि की स्थिति की मॉनीटरिंग के लिए केंद्र से हेलीकॉप्टर मांगा जा रहा है।

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अगर वनाग्नि पर काबू न पाया गया तो चारधाम यात्रा में दिक्कत आ सकती है। कई स्थानों पर यात्रा रूट के दोनों तरफ आग की घटनाएं हो रही हैं जिससे हर तरफ धुआं भरा हुआ है। महानिदेशक वन एवं पर्यावरण (फायर) डा. एसएस नेगी ने शनिवार को वनाग्नि की स्थिति पर मंथन सभागार में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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इसके बाद पत्रकारों को बताया कि वन विभाग अपने सीमित संसाधनों में संतोषजनक उपाय कर रहा है। यहां मैन पावर की बहुत कमी है। पहाड़ों पर ग्राउंड फायर है। इसे मैनुअली ही बुझाया जा सकता है। यहां पानी की कमी है और फायर ब्रिगेड भी नहीं भेजी जा सकती।
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महानिदेशक नेगी ने बताया कि वनाग्नि के मामले में यह असामान्य वर्ष है जिसमें आग की घटनाएं अधिक होती हैं। यह चक्र हर तीन-चार साल में आता है। वर्ष 2012 में भी घटनाएं अधिक हुई थीं। पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़ आदि जिलों को उन्होंने अधिक संवेदनशील बताया। महानिदेशक ने कहा कि वन विभाग प्रस्ताव बनाकर भेजे केंद्र से व्यवस्था कराई जाएगी।

प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड राजेंद्र कुमार ने बताया कि वन पंचायतों को वनाग्नि रोकने के लिए साथ लिया जा रहा है। क्षेत्रीय युवाओं को संविदा पर भर्ती किया जाएगा। अभी पांच हजार कर्मचारी वनाग्नि रोकने में लगे हैं। इनमें साढ़े तीन हजार संविदा पर हैं।

थमने का नाम नहीं ले रही वनाग्नि

uttarakhand demand 500 fire worker from UP
नैनीताल के जंगलों में आग - फोटो : AmarUjala

ऋषिकेश में गर्मी के बढ़ने के साथ ही जगह-जगह जंगल सुलगने लगे हैं। वनाग्नि से जंगल जलकर खाक हो रहे हैं। ऋषिकेश के आसपास के रेंजों में आग का दायरा लगातार बढ़ने से वन संपदा और वन्य प्राणियों के अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। साथ ही वनों में लगातार भड़क रही आग से प्राकृतिक जल स्रोत भी सूखने लगे हैं। जंगल में सुलग रही भीषण आग पर काबू पाना चुनौती साबित हो रहा है।
  
नरेंद्र नगर वन प्रभाग के अंतर्गत नौडू कक्ष संख्या- पांच, ब्रह्मपुरी- दो, हिंडोलाखाल और हेंवल कंपार्ट नंबर- तीन के जंगलों में कई दिनों से लगी आग अभी तक काबू नहीं हो पाई है। आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मी दिन-रात जुटे हुए हैं। लेकिन अफसोस आग पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

शिवपुरी रेंज अधिकारी बीएल एम्टा ने बताया कि आग को बुझाने के लिए जगह-जगह वनकर्मी तैनात किए गए हैं। उम्मीद जताई कि आग पर जल्द काबू कर लिया जाएगा। उधर, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत गौहरी रेंज के धांधला पानी क्षेत्र, कुनाऊं- नौ में बीन नदी के आसपास के जंगलों में आग फैली हुई है।

नियंत्रण के लिए पार्क प्रशासन की टीम जुटी है। गौहरी रेंज अधिकारी राजेंद्र मोहन नौटियाल ने बताया कि आग पर नियंत्रण के लिए विभागीय टीमें गठित की गई हैं, जो दिन रात आग बुझाने के कार्य में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि आग पर जल्द काबू पा लिया जाएगा।

लच्छीवाला रेंज में आग पर नियंत्रण
लच्छीवाला वन रेंज के कुआंवाला, चांदमारी, सिमलास आदि जंगल में चार दिनों से लगी आग पर विभागीय टीम ने काबू कर लिया। अब केवल दूधली के जंगलों में हल्की आग बची है। आग को रोकने के लिए आगे के जंगल को काउंटर किया जा रहा है, जिससे आग आगे न बढ़ सके। लच्छीवाला रेंजर घनानंद उनियाल ने बताया कि जंगल की अधिकतर आग पर काबू पा लिया गया है। आग दोबारा नहीं भड़के, इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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