फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarakhand current political stir.

उत्तराखंड में फिर पंच परमेश्वर की ‘सरकार’

Fri, 15 Apr 2016 01:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 15 Apr 2016 01:50 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand current political stir.
पंचायत एक्ट

आने वाले समय में उत्तराखंड में पंच परमेश्वर फिर दिख सकते हैं। विधानसभा से पारित नए पंचायत अधिनियम में कांग्रेस जाते-जाते इसकी व्यवस्था भी कर गई है। पंचायत एक्ट को राजभवन से भी मंजूरी मिल चुकी है और अब मामला शासन और आने वाली सरकार के पाले में होगा। 

विज्ञापन


प्रदेश के नए पंचायत एक्ट में यह साफ कर दिया गया है कि न्याय पंचायतों को गांवों की कोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए विधानसभा कानून भी बना सकेगी।

प्रदेश में 80 के दशक तक न्याय पंचायतों की व्यवस्था थी। पर्वतीय क्षेत्रों में एक पट्टी में बाकायदा एक सरपंच होता था और ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही पंचों का चुनाव होता था। गांवों की इस व्यवस्था में फौजदारी तक के मुकदमों की सुनवाई होती थी। 
विज्ञापन


यूपी का पंचायत एक्ट ही स्वीकार कर लिया
80 के दशक के बाद यह व्यवस्था खत्म होती चली गई। उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ तो उत्तर प्रदेश का पंचायत एक्ट ही जस का तस स्वीकार कर लिया गया। 17 मार्च को विधानसभा में नया पंचायती राज विधेयक पारित होने के बाद राजभवन से इसे मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए अधिनियम में न्याय पंचायतों के गठन का प्रावधान भी कर दिया गया है। न्याय पंचायतों के गठन के लिए सरकार को न्याय पंचायत के सदस्यों की संख्या, निर्वाचन, कार्यकाल आदि का निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है। विधानसभा को यह भी अधिकार दिया गया है कि न्याय पंचायतों को ग्राम न्यायालयों के रूप में विकसित करने के लिए वह कायदे कानून भी तय करे। 

पंचायतों से लंबे समय से जुड़े जोत सिंह बिष्ट के मुताबिक 1982 तक उत्तराखंड में यह व्यवस्था थी। इसके तहत पट्टी में कम से कम एक न्याय पंचायत हुआ करती थी और गांवों के कई मामले इन न्याय पंचायतों में ही सुलझ जाते थे। 


न्याय पंचायत में सरपंच के सहयोग के लिए एक अधिकारी भी होता था, जिसे पंचायत मंत्री कहा जाता था। प्रदेश में दूर-दराज के गांवों के लिए यह व्यवस्था बेहद कारगर मानी जाती थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed