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चंपावतः मूल स्वरूप में लौटेगा एतिहासिक शिव मंदिर
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत
Updated Mon, 02 May 2016 01:50 PM IST
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शिव मंदिर
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चंपावत में तल्ली मांदली के शिव मंदिर के अच्छे दिन आने वाले हैं। दक्षिण दिशा की तरफ झुक रहे इस एतिहासिक मंदिर को संवारने के लिए क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने छह लाख की रकम रिलीज कर दी है।
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ग्रामीण निर्माण विभाग अब मंदिर को नए तरीके से बना कर मूल स्वरूप में लाएगा। मंदिर को बचाने के लिए अमर उजाला ने 19 अगस्त 2014 को खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद विभाग ने मंदिर के संरक्षण को पहल शुरू की है। जून तक मंदिर को पूरी तरह से ठीक कर दिया जाएगा।
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एनएच पर तल्ली मांदली स्थित प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण चंद शासक भारती चंद ने 1410 में किया था। मंदिर के निर्माण में भारी-भरकम पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर की दीवारों में हीरक आकृतियों का निर्माण किया गया है। मंदिर के सामने की तरफ नागरी लिपि में एक अभिलेख स्थापित है।
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स्थानीय नागरिक देव सिंह, विक्रम सिंह, विजेंद्र खाती और नारायण खाती आदि का कहना है कि 2014 में आई बारिश के बाद इस मंदिर का गुंबद वाला हिस्सा दक्षिण दिशा की तरफ झुक गया था।
मंदिर को बचाने को पुरातत्व विभाग ने विभागीय बजट से ग्रामीण निर्माण विभाग को छह लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है। योजना के तहत मंदिर के सभी पत्थरों को हटाकर दोबारा से मूल स्वरूप में लाया जाएगा।
संरक्षित प्राचीन शिव मंदिर दक्षिण दिशा की तरफ झुक रहा था। स्थलीय निरीक्षण करने के बाद छह लाख रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। मई से निर्माण कार्य शुरू कर जून में मंदिर का काम पूरा कर दिया जाएगा।
- चंद्र सिंह चौहान, प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, अल्मोड़ा
संरक्षित हैं सात अन्य इमारतें
क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई अल्मोड़ा ने तल्ली मादली के शिव मंदिर के अलावा सात अन्य इमारतों को संरक्षित घोषित किया है, इनमें एकहथिया नौला, बाणासुर का किला, शिव मंदिर देवलनाद, चैकुनीबोरा, खर्ककार्की, फूंगर और ढकना शिव मंदिर शामिल हैं।