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Udham Singh Nagar News: बराबर जीते जिपं सदस्य, भाजपा को दिया वाॅकओवर
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रुद्रपुर। भाजपा के बराबर जिपं सदस्य जीतने वाली कांग्रेस इतनी बेदम रही कि उसने मैदान ही छोड़ दिया। यही वजह है कि भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा कब्जा जमा लिया। जिले में पांच दिग्गज विधायक होने के बावजूद पार्टी मजबूत प्रत्याशी का चयन नहीं कर सकी। इसके पीछे की वजह पार्टी के नेताओं के बीच तालमेल का अभाव व आपसी गुटबाजी मानी जा रही है। हालांकि संगठन का कहना है कि उनके पास ओबीसी का कोई उम्मीदवार नहीं था।
31 जुलाई को मतगणना के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के 12-12 और निर्दलीय 11 जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए थे। इसके बाद से ही पार्टी ने भाजपा पृष्ठभूमि के निर्दलीय से संपर्क साधकर उनको अपने पाले में करना शुरू कर दिया। जिपं अध्यक्ष की कुर्सी का आरक्षण जारी होने के बाद भाजपा के पास प्रत्याशी के रूप में बड़े चेहरे थे, मगर कांग्रेस एक उम्मीदवार का चयन नहीं कर सकी।
जिले में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक तिलकराज बेहड़, गोपाल सिंह राणा और आदेश चौहान के साथ ही संगठन भी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सक्रिय मोड पर नहीं रहा। नतीजा रहा कि चुनाव में जाने तक भाजपा ने निर्दलीयों को अपने पाले में कर बहुमत से अधिक का आंकड़ा छू लिया। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने अपने क्षेत्र से तीन जिपं सदस्य जितवाकर अपनी ताकत का अहसास कराने की कोशिश की थी। हालांकि जिपं अध्यक्ष की कुर्सी के लिए बहुत कुछ पार्टी कर नहीं पाई और चुनाव से पहले हथियार डालने में भलाई समझी। इस चुनाव ने पार्टी में दिग्गजों के मनमुटाव और कमजोरी को सामने ला दिया है। 2027 के चुनाव के मद्देनजर आपसी फूट ने पार्टी के लिए दिक्कत पैदा करने का संकेत भी दे दिया है।
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इंसेट:
ब्लॉक प्रमुख से किनारा, ज्येष्ठ के लिए कैसे आएगा जादुई आंकड़ा
रुद्रपुर। कांग्रेस ने ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में सदस्यों की संख्या नहीं होने पर मैदान से हटने का एलान किया था। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने नतीजों के कुछ दिनों बाद ही बयान जारी कर दिया था। ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में बेहड़ के करीबी साहब सिंह की पत्नी जितेंद्र कौर ने ज्येष्ठ प्रमुख के लिए पर्चा दाखिल किया है। ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव से हाथ खड़ी करने वाली कांग्रेस ज्येष्ठ प्रमुख के लिए जीत का आंकड़ा कैसे जुटाएगी, यह बड़ा सवाल है। अधिकांश जीते बीडीसी भाजपा के हैं। ब्यूरो
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कोट:
अगर सीट सामान्य होती तो पार्टी के पास बेहद मजबूत प्रत्याशी थे। जब सीट आरक्षित हुई तो जीते सदस्यों से किसी ने चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी थी। इस वजह से पार्टी ने अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी नहीं उतारा था। हिमांशु गाबा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
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अधिकांश निर्दलीय भाजपा पृष्ठभूमि के जीते थे। निर्दलीयों ने सीएम धामी के विकास के विजन पर भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। कार्यकर्ताओं के दम पर पार्टी का परचम जिले में लहराया है। राकेश नैनवाल, जिला प्रभारी, भाजपा, ऊधमसिंहनगर।
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31 जुलाई को मतगणना के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के 12-12 और निर्दलीय 11 जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए थे। इसके बाद से ही पार्टी ने भाजपा पृष्ठभूमि के निर्दलीय से संपर्क साधकर उनको अपने पाले में करना शुरू कर दिया। जिपं अध्यक्ष की कुर्सी का आरक्षण जारी होने के बाद भाजपा के पास प्रत्याशी के रूप में बड़े चेहरे थे, मगर कांग्रेस एक उम्मीदवार का चयन नहीं कर सकी।
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जिले में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक तिलकराज बेहड़, गोपाल सिंह राणा और आदेश चौहान के साथ ही संगठन भी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सक्रिय मोड पर नहीं रहा। नतीजा रहा कि चुनाव में जाने तक भाजपा ने निर्दलीयों को अपने पाले में कर बहुमत से अधिक का आंकड़ा छू लिया। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने अपने क्षेत्र से तीन जिपं सदस्य जितवाकर अपनी ताकत का अहसास कराने की कोशिश की थी। हालांकि जिपं अध्यक्ष की कुर्सी के लिए बहुत कुछ पार्टी कर नहीं पाई और चुनाव से पहले हथियार डालने में भलाई समझी। इस चुनाव ने पार्टी में दिग्गजों के मनमुटाव और कमजोरी को सामने ला दिया है। 2027 के चुनाव के मद्देनजर आपसी फूट ने पार्टी के लिए दिक्कत पैदा करने का संकेत भी दे दिया है।
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रुद्रपुर। कांग्रेस ने ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में सदस्यों की संख्या नहीं होने पर मैदान से हटने का एलान किया था। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने नतीजों के कुछ दिनों बाद ही बयान जारी कर दिया था। ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में बेहड़ के करीबी साहब सिंह की पत्नी जितेंद्र कौर ने ज्येष्ठ प्रमुख के लिए पर्चा दाखिल किया है। ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव से हाथ खड़ी करने वाली कांग्रेस ज्येष्ठ प्रमुख के लिए जीत का आंकड़ा कैसे जुटाएगी, यह बड़ा सवाल है। अधिकांश जीते बीडीसी भाजपा के हैं। ब्यूरो
कोट:
अगर सीट सामान्य होती तो पार्टी के पास बेहद मजबूत प्रत्याशी थे। जब सीट आरक्षित हुई तो जीते सदस्यों से किसी ने चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी थी। इस वजह से पार्टी ने अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी नहीं उतारा था। हिमांशु गाबा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
अधिकांश निर्दलीय भाजपा पृष्ठभूमि के जीते थे। निर्दलीयों ने सीएम धामी के विकास के विजन पर भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। कार्यकर्ताओं के दम पर पार्टी का परचम जिले में लहराया है। राकेश नैनवाल, जिला प्रभारी, भाजपा, ऊधमसिंहनगर।