नानकमत्ता में वारदात: आपसी रंजिश में तहेरे भाई की गोली मारकर हत्या, ताऊ के घर पर की पत्थरबाजी और फायरिंग
रंजिश के बाद हमलावरों ने सतनाम सिंह को घेर पर फायर झोंक दिया। गोली सतनाम सिंह के सीने में लगने से वह वहीं गिर गया।
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आपसी रंजिश में चचेरे भाइयों ने साथियों के साथ ताऊ के घर पर पत्थरबाजी और फायरिंग कर दी। इसी दौरान बाइक से घर लौट रहे तहेरे भाई सतनाम सिंह को कुलदीप सिंह उर्फ बंटी ने साथियों के साथ घेरकर सीने में गोली मार दी। सतनाम का छोटा भाई कुलदीप सिंह भागकर बच निकला। हमलावरों ने भागते समय सतनाम के पैरों पर भी कार चढ़ा दी। रुद्रपुर जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के सबसे बड़े भाई सोनू सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दंपती समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) व 3(5) में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सभी आरोपी फरार हैं।
शनिवार देर रात ग्राम सिद्धा नवदिया में नहर किनारे स्थित सतनाम के ताऊ के घर के बाहर कार और बाइक से पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने गालीगलौज करते हुए पत्थरबाजी और हवाई फायरिंग की। फायरिंग से घर की बालकनी में लगा शीशा भी चटक गया। फायरिंग की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा सतनाम सिंह (35) पुत्र चरणजीत सिंह अपने छोटे भाई कुलदीप सिंह के साथ बाइक से घर लौट रहा था। घर से करीब 50 फीट पहले हमलावरों ने उसे घेरकर गोली मार दी। सीने में गोली लगने से सतनाम सड़क पर गिर पड़ा। शोर सुनकर परिजनों और ग्रामीणों को आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए कार से फरार हो गए।
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परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर दी और घायल सतनाम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता पहुंचाया। गंभीर हालत में रेफर किए जाने पर परिजन उसे उप जिला चिकित्सालय सितारगंज ले गए। वहां से रुद्रपुर जिला चिकित्सालय पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार और सीओ खटीमा नीरज सेमवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सतनाम सिंह की मौत से पिता चरन सिंह, भाई सोनू सिंह और कुलदीप सिंह, पत्नी परमजीत कौर तथा बेटे प्रिंस और जसवीर का रो-रोकर बुरा हाल है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
मृतक के सबसे भड़े भाई सोनू सिंह ने प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट को सौंपी तहरीर में बताया कि 13 अक्तूबर को नानकमत्ता में चल रही रामलीला में उसके चचेरे भाई कुलदीप सिंह उर्फ बंटी का दो लड़कों से विवाद हो गया था। तब छोटा भाई कुलदीप मौके पर मौजूद था। उसने विवाद को शांत करा कर दोनों पक्षों को अपने-अपने घर भिजवा दिया था। कुलदीप उर्फ बंटी को लग रहा था कि कुलदीप सिंह की ही शह पर उसके साथ विवाद किया गया था, तब से वह उनके घर से रंजिश रखता है। रंजिश के चलते ही शनिवार की रात उसने अपने भाई लखविंदर सिंह उर्फ लक्की, अपनी पत्नी रमनदीप कौर निवासीगण सिद्धा नवदिया और तीन दोस्तों हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी नागरा, कमल सिंह निवासीगण ग्राम नौगजा कोतवाली नानकमत्ता व कोमल सिंह निवासी विडौरा मझोला के साथ कुलदीप सिंह के घर पर पत्थरबाजी व फायरिंग करने के साथ भाई को गोली मारी।
परिजनों के धरना-प्रदर्शन की आशंका पर किए सख्त इंतजाम
नानकमत्ता। मामूली रंजिश पर शनिवार रात गोली मारकर हत्या करने के मामले में मृतक के परिजनों के धरना-प्रदर्शन की आशंका को लेकर कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत पीएससी के साथ ही खटीमा सितारगंज किच्छा से भी पुलिस फोर्स बुलाया था। बता दें कि हत्यारोपी कुलदीप सिंह उर्फ बंटी पर पहले से ही लड़की को भगाने का मामला नानकमत्ता कोतवाली में दर्ज था। अप्रैल 26 में पुलिस टीम आरोपी कुलदीप उर्फ बंटी को पकड़ने उसके घर गई थी कि अचानक उसकी दादी सुखदेव कौर पुलिस टीम को देखकर गिरकर बेहोश हो गई थीं। नानकमत्ता सीएचसी लाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट व धक्का मारने से गिरकर मौत का आरोप लगाते हुए कोतवाली गेट पर शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया था। इस कारण पुलिस इस बार आशंकित थी कि कहीं कोई धरना-प्रदर्शन तो नहीं हो जाएगा। पुलिस ने एहतियातन एक-एक कंपनी महिला एवं पुरुष पीएसी के साथ खटीमा सितारगंज, किच्छा कोतवाली से पुलिस फोर्स व फायर ब्रिगेड को बुला लिया था।