{"_id":"5c816e73bdec2214046ee5da","slug":"will-raise-voice-against-dowry-and-embryo-killing","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ उठानी होगी आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ उठानी होगी आवाज
Fri, 08 Mar 2019 12:48 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Fri, 08 Mar 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
पिंकी पुलिस आरक्षी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बृहस्पतिवार को श्री गुरुनानक देव स्नाकोत्तर महाविद्यालय में महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी हुई।गोष्ठी में पुलिस विभाग के प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लक्ष्मण सिंह ने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए बने कानून की जानकारी दी। साथ ही उसका सही समय पर उपयोग कर अपराधी को कानूनी रूप से सजा दिलाने की बात कही।
विज्ञापन
गोष्ठी में चाइल्ड हेल्पलाइन की दुर्गा गोला ने महिला कानून के अधिकार की जानकारी दी। इस मौके पर 165 लोगों ने महिलाओं के सम्मान के लिए संकल्प पत्र भरे। गोष्ठी में डॉ. इंदूबाला, डा. अमृत कौर, अफशां खान, डॉ. नीलम, हरचरण सिंह ,दुर्गा गोस्वामी, ललित मोहन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
-
महिलाएं शिक्षित होंगी तो उनमें आत्मविश्वास के साथ ही अपने अधिकारों के प्रति लड़ने की सजगता आएगी। अपने खिलाफ होने वाली हिंसा, भेदभाव के प्रति वह खुद आवाज उठा सकेंगी। - डॉ. सीता मेहता, प्राचार्या
विज्ञापन
-
शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होकर हमें समाज में फैले दहेज और भ्रूण हत्या का विरोध करना होगा। कानून की जानकारी लेकर समय पर उसका उपयोग भी करना होगा।
- डाक्टर शोभा बोरा, शिक्षिका
-
शिक्षा ग्रहण करना सिर्फ नौकरी पाने का ध्येय नहीं है। शिक्षित होकर परिवार और समाज को बेहतर बनाना के लिए भी शिक्षा जरूरी है। उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर आवाज उठानी होगी।
- पिंकी नन्दा, पुलिस आरक्षी
-
अब भी समाज में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। सिर्फ सरकार के कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। हमें स्वयं सुधारना होगा समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध खड़ा होना पड़ेगा।
- पूजा, छात्रा
-
महिलाएं कमजोर नहीं है। सरकार की ओर से महिलाओं के लिए सिर्फ कानून बनाने से समाज नहीं सुधरेगा। समाज को सुधारने के लिए हमें स्वयं ही आगे आना होगा।
- प्रीति लता, छात्रा