{"_id":"64ff53a059e1d56b210b12d6","slug":"where-is-tushkar-arjun-police-did-not-have-clue-rudrapur-news-c-242-1-rdp1001-3645-2023-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ की खाल तस्करी : नहीं लगा तस्कर अर्जुन का सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ की खाल तस्करी : नहीं लगा तस्कर अर्जुन का सुराग
Mon, 11 Sep 2023 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 11 Sep 2023 11:21 PM IST
विज्ञापन
एसटीएफ के साथ वन विभाग की टीम भी कर रही तलाश
रुद्रपुर। बाघ की खाल और हड्डियों के साथ तीन वन्यजीव तस्करों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और वन विभाग को कुख्यात तस्कर अर्जुन उर्फ कौवा की तलाश है। चार दिन बाद भी अर्जुन का सुराग नहीं लग सका है।
27 अगस्त की रात एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने बाजपुर के दोराहा हाइवे पर ट्रक सवार तीन वन्यजीव तस्करों शमशेर सिंह, कुलविंदर सिंह और जोगा सिंह निवासी सरवरखेड़ा थाना जसपुर को गिरफ्तार किया था। टीम ने ट्रक से बाघ की दो खाल और 35 किलोग्राम हड्डियां बरामद की थी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में तीनों तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
तीनों आरोपियों ने पूछताछ में प्रगति विहार देहरादून निवासी अर्जुन उर्फ कौआ का नाम लिया था। डेढ़ महीने पहले अर्जुन खटीमा में पकड़ी गई बाघ की खाल मामले में जेल गया था और 31 अगस्त को जमानत पर छूटा था। अर्जुन का नाम सामने आने के बाद उसे वांटेड घोषित कर दिया गया था। डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि इस मामले की जांच एसडीओ शशिदेव कर रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीम गठित की गई हैं। यह मामला संवेदनशील और गोपनीय है। जांच पूरी होने के बाद मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर। बाघ की खाल और हड्डियों के साथ तीन वन्यजीव तस्करों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और वन विभाग को कुख्यात तस्कर अर्जुन उर्फ कौवा की तलाश है। चार दिन बाद भी अर्जुन का सुराग नहीं लग सका है।
27 अगस्त की रात एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने बाजपुर के दोराहा हाइवे पर ट्रक सवार तीन वन्यजीव तस्करों शमशेर सिंह, कुलविंदर सिंह और जोगा सिंह निवासी सरवरखेड़ा थाना जसपुर को गिरफ्तार किया था। टीम ने ट्रक से बाघ की दो खाल और 35 किलोग्राम हड्डियां बरामद की थी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में तीनों तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
तीनों आरोपियों ने पूछताछ में प्रगति विहार देहरादून निवासी अर्जुन उर्फ कौआ का नाम लिया था। डेढ़ महीने पहले अर्जुन खटीमा में पकड़ी गई बाघ की खाल मामले में जेल गया था और 31 अगस्त को जमानत पर छूटा था। अर्जुन का नाम सामने आने के बाद उसे वांटेड घोषित कर दिया गया था। डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि इस मामले की जांच एसडीओ शशिदेव कर रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीम गठित की गई हैं। यह मामला संवेदनशील और गोपनीय है। जांच पूरी होने के बाद मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
विज्ञापन