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Udham Singh Nagar News: बारिश के दौरान सड़क किनारे रोडवेज बस का इंतजार पड़ रहा भारी
Sat, 11 Jul 2026 01:02 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:02 AM IST
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काशीपुर। शहर के मुख्य चौराहे पर आरओबी बनने के बाद से रोडवेज बस से यात्रा करने वालों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। विभागीय लापरवाही के चलते भीषण गर्मी हो या भारी बारिश यात्रियों को डायवर्ट रूट पर बसों का इंतजार करना भारी पड़ जाता है।
महाराणा प्रताप चौक पर आरओबी बनने के बाद से बाजपुर रोड पर स्थित रोडवेज बस स्टेशन पर लंबे रूट की बसें नहीं पहुंचती हैं। प्रशासन ने बसों को डायवर्ट रूट से भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से रोडवेज बस से यात्रा करने वालों के सामने दुश्वारियां बढ़ गई हैं क्योंकि अधिकांश लंबे रूट की बसें डायवर्ट रूट से निकल जाती हैं।
आरओबी बनने के साथ ही चैती चौराहा से टांडा तिराहा होते हुए और स्टेडियम से नया ढेला पुल होकर अधिकांश बसें आती-जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को टांडा तिराहा व चैती चौराहा या स्टेडियम तिराहा पर बसों का इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज डिपो प्रशासन ने तीनों स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जिसके चलते यात्रियों के लिए भीषण गर्मी हो या बारिश में सड़क किनारे खड़े रहकर बस का इंतजार करना मजबूरी बन चुका है। डिपो सूत्रों ने बताया आरओबी बनने से पहले 100 से अधिक बसें डिपो में आती थीं। बीते लगभग 7-8 साल से समस्या खड़ी हो गई है। हरीश बिष्ट, अनिल कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े शहरों की तर्ज पर चिह्नित स्थानों पर बस स्टैंड टिनशेड की व्यवस्था करनी चाहिए।
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महाराणा प्रताप चौक पर आरओबी बनने के बाद से बाजपुर रोड पर स्थित रोडवेज बस स्टेशन पर लंबे रूट की बसें नहीं पहुंचती हैं। प्रशासन ने बसों को डायवर्ट रूट से भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से रोडवेज बस से यात्रा करने वालों के सामने दुश्वारियां बढ़ गई हैं क्योंकि अधिकांश लंबे रूट की बसें डायवर्ट रूट से निकल जाती हैं।
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आरओबी बनने के साथ ही चैती चौराहा से टांडा तिराहा होते हुए और स्टेडियम से नया ढेला पुल होकर अधिकांश बसें आती-जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को टांडा तिराहा व चैती चौराहा या स्टेडियम तिराहा पर बसों का इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज डिपो प्रशासन ने तीनों स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जिसके चलते यात्रियों के लिए भीषण गर्मी हो या बारिश में सड़क किनारे खड़े रहकर बस का इंतजार करना मजबूरी बन चुका है। डिपो सूत्रों ने बताया आरओबी बनने से पहले 100 से अधिक बसें डिपो में आती थीं। बीते लगभग 7-8 साल से समस्या खड़ी हो गई है। हरीश बिष्ट, अनिल कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े शहरों की तर्ज पर चिह्नित स्थानों पर बस स्टैंड टिनशेड की व्यवस्था करनी चाहिए।
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