{"_id":"571e666f4f1c1b350da915a4","slug":"us-nagar-s-five-food-security-firms-found-guilty","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य सुरक्षा वाद में यूएस नगर की पांच फर्में दोषी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य सुरक्षा वाद में यूएस नगर की पांच फर्में दोषी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जिला सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल में अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व दीप्ति वैश्य की अदालत ने ऊधमसिंह नगर की पांच फर्मों को दोषी करार देते हुए उन्हें अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
इसमें पांचों फर्मों पर कुल एक लाख 90 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जिन फर्मों को दोषी पाया गया है उनमें बाजपुर दोराहा जमील मिष्ठान, लालपुर के ओम बाबा प्रोविजन स्टोर, गदरपुर की राधिका डेयरी, झगड़पुरी गदरपुर के नाजिर किराना स्टोर और गुवाहाटी की बमूनी मैदान इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
विज्ञापन
सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व की अदालत में पहली सुनवाई में जमीन पुत्र खलील अहमद, जमील मिष्ठान दोराहा को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 20,000 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की धनराशि आदेश जारी होने के एक माह के भीतर जमा करने का भी फरमान सुनाया है।
विज्ञापन
वहीं दूसरे केस में एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट ने गदरपुर निवासी रजत कालड़ा पुत्र किशन लाल कालड़ा के मै. राधिका डेयरी को भी दोषी मानते हुए 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। इन्हें भी यह धनराशि आदेश के एक माह के भीतर जमा करनी होगी। तीसरे केस में कोर्ट ने लालपुर निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र हंसराज के ओम बापू प्रोविजन स्टोर के फेल सैंपल पर भी दोषी माना है।
साथ ही गुवाहाटी की फर्म निर्माता धर्मपाल सत्यपाल लिमिटेड को भी दोषी करार देते हुए पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। चौथे केस में नाजिर अली पुत्र शाहिद अली मैसर्स नाजिर किराना स्टोर झगड़पुरी गदरपुर को भी दोषी मानते हुए पचास हजार रुपये एवं इसी केस में गुवाहाटी की मैसर्स धर्मपाल सत्यपाल लि. को भी दोषी मानते हुए पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
यह पांचों वाद जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2013-14 में लिए गए जांच सैंपलों के फेल होने के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व की अदालत में चल रहे थे। कोर्ट ने सभी दोषी फर्मों को हिदायत दी है कि उक्त अर्थदंड की धनराशि को आदेश जारी होने की तिथि के एक माह के अंतर्गत न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ऊधमसिंह नगर के पद नाम से बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कराना सुनिश्चित करें। आदेश की एक प्रति अभिहित अधिकारी जिला ऊधमसिंह नगर और एक-एक प्रति विपक्षीगण उपरोक्त को भेजी गई है।