Rudrapur: अंधेरे में डूबा जिला अस्पताल...मरीज परेशान, गायनी वार्ड की हालात खराब; तीमारदारों ने सुनाई आपबीती
रुद्रपुर जिला अस्पताल में घंटों बिजली गुल होने से मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। गायनी वार्ड में भर्ती प्रसूताएं और तीमारदार परेशान रहें, वहीं नवजात बच्चों की रोने की आवाज गूंजती रही। बिजली नहीं होने से मरीज भी पानी के लिए तरस गए।
विस्तार
रुद्रपुर जिला अस्पताल में घंटों बिजली गुल होने से मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। गायनी वार्ड में भर्ती प्रसूताएं और तीमारदार परेशान रहें, वहीं नवजात बच्चों की रोने की आवाज गूंजती रही। बिजली नहीं होने से मरीज भी पानी के लिए तरस गए। डीएम तक मामला पहुंचने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी और लेबर रूम में इन्वर्टर से सप्लाई शुरू की। वहीं गायनी वार्ड में भर्ती मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने की कार्यवाही शुरू कर दी थी।
दरअसल, बुधवार दोपहर एक बजे से बिजली की सप्लाई बाधित हो गई। इसके चलते वार्डों में पंखे चलने बंद हो गए थे। मरीज बिजली सुचारू होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन शाम ढलते-ढलते बिजली नहीं आई और पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब गया। इमरजेंसी रूम, लेबर रूम और गायनी वार्ड सहित अस्पताल की गैलरी सहित वार्डाें में अंधेरा पसर गया। गायनी वार्ड में पंखे बंद होने से वहां भर्ती प्रसूताओं को दिक्कतें झेलनी पड़ी, वहीं गैलरी में तीमारदार महिलाएं बैठी नजर आई।
मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया
इस दौरान भर्ती महिलाएं साड़ी के पल्लू या हाथ वाले पंखे से बच्चे को हवा करती नजर आईं। पूरे अस्पताल में मरीज से लेकर नर्स और डाक्टर परेशान रहे। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। करीब सवा आठ बजे पीएमएस के निर्देश पर गायनी वार्ड से मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया। डीएम उदयराज सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को बिजली आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाभी की डिलीवरी हुई है। वे दोपहर से दो बजे अस्पताल में हैं और तबसे बिजली नहीं है। प्रसूताएं परेशान हैं और अस्पताल प्रशासन बिजली आने का सही जवाब नहीं दे रहा है। गरीब मरीजों की कोई सुनवाई नहीं है।
सुबह चार बजे पत्नी की डिलीवरी हुई है। दोपहर से बिजली गायब है। वार्ड में अंधेरा है और गर्मी में नवजात बच्चे भी परेशान हैं। ऐसे हालत में जच्चा-बच्चा दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की गई है।
-मनोज, ट्रांजिट कैंप
मंगलवार की सुबह तीन बजे पत्नी की डिलीवरी हुई थी। दिन से अस्पताल में बिजली नहीं है। गायनी वार्ड में भर्ती प्रसूताएं परेशान हैं। नवजात बच्चे गर्मी से चीखपुकार मचाए हुए हैं। अस्पताल में पानी भी नहीं है। सभी लोग परेशान हैं।
-गोविंद, दुर्गापुर, दिनेशपुर।
30 सितंबर को पत्नी की डिलीवरी हुई है। गर्मी में बिना बिजली और पंखे के वार्ड में प्रसूताएं बेहाल हैं। मोबाइल की रोशनी का ही सहारा है। अस्पताल वाले पत्नी को डिस्चार्ज नहीं कर रहे हैं। अगर गर्मी में प्रसूताओं को कुछ हो जाता है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी।
-अतीक, सुभाष कालोनी
अस्पताल में बिजली की अंडरग्राउंड लाइन में फाल्ट आने से दिक्कतें हुई हैं। फाल्ट को ठीक करने की कोशिश हो रही है, लेकिन फाल्ट नहीं मिल पाया है। इमरजेंसी और लेबर रूम में इन्वर्टर से बिजली सप्लाई सुचारु की गई है। गायनी वार्ड में भर्ती मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जा रहा है। शाम चार बजे लाइन में फाल्ट आया था। आईसीयू में इन्वर्टर की पूरी व्यवस्था है। कोशिश कर रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज से बिजली आपूर्ति अस्पताल में की जाए।
-डॉ. केके अग्रवाल, पीएमएस, जिला अस्पताल
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