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Uttarakhand: ऊधमसिंह नगर में बेखौफ हो रहे अपराधियों का बोलबाला, अवैध असलहों का गढ़ बना जिला; जानें कब क्या हुआ

Wed, 28 Feb 2024 01:34 PM IST
हीरा मेहरा चंदन बंगारी, संवाद
चंदन बंगारी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 28 Feb 2024 01:34 PM IST
सार

Rudrapur News:  ऊधमसिंह नगर जिला अवैध असलहों की तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। कुछ लोग अपराधों को अंजाम देने के लिए असलहों की खरीद करते हैं लेकिन अब युवाओं में स्टेटस सिंबल के लिए असलहे रखने का क्रेज बढ़ा है।

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Udham Singh Nagar became a stronghold of illegal weapons
crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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रुद्रपुर में नशीले पदार्थों के साथ ही तराई अवैध असलहों की तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। कुछ लोग अपराधों को अंजाम देने के लिए असलहों की खरीद करते हैं लेकिन अब युवाओं में स्टेटस सिंबल के लिए असलहे रखने का क्रेज बढ़ा है। इसका तस्कर फायदा उठा रहे हैं। यही वजह है कि यहां हर साल असलहा फैक्टरियां पकड़ी जा रही हैं।

यूपी के पांच जिलों से सटे होने की वजह से ऊधमसिंहनगर जिले में बड़े पैमाने पर स्मैक, नशीले इंजेक्शन सहित नशीले पदार्थों खेप पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा असलहों की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हो रही है। गदरपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ा असलहा तस्कर ने मुरैना मध्य प्रदेश से असलहा खरीदकर लाने की बात स्वीकारी है। जिले में भी बड़े पैमाने पर अवैध फैक्टरियों में असलहे तैयार हो रहे हैं। गांवों से सटे जंगल में फैक्टरियों में तैयार तमंचे, पौनिया बंदूक को पांच से 15 हजार रुपये में बेचा जाता है। अपराधियों के साथ ही तस्करों से नई उम्र के नौजवान भी असलहे खरीदते हैं। कईं बार झगड़ों और शादी समारोह में तमंचों से फायरिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं।

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तीन साल में पकड़े गए 237 असलहे
पुलिस के आंकड़े भी असलहा तस्करी के बढ़ते मामले को को उजागर कर रहे हैं। वर्ष 2021 में पुलिस ने 264, 2022 में 370 और 2023 में 518 आरोपियों को असलहों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने इन लोगों से 237 तमंचे, बंदूक, पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे। दिलचस्प बात है कि सबसे अधिक गदरपुर में ही असलहा बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा रही हैं। पिछले साल असलहा फैक्टरी के साथ पकड़ा गया अभियुक्त तैयार असलहाें को अपने बेटे और रिश्तेदार के साथ मिलकर लोगों को बेचता था। यहां कलकत्ती और आर्यनगर से सटे जंगल में तस्कर असलहे तैयार कर बाजार में बेचते हैं। 

 

ये रहे बड़े मामले

  • 12 मार्च 2022 को गदरपुर में आर्यनगर से सटे जंगल से पुलिस ने असलहा बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। 10 तमंचे, दो बाइक, असलहा बनाने के उपकरण सहित तीन अभियुक्त पकड़े गए थे।
  • दो फरवरी 2023 को गदरपुर में पुलिस ने एक असलहा तस्कर पकड़ा था। उसके पास से तीन तमंचे, दो अर्द्धनिर्मित तमंचे और असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए थे।
  • 31 दिसंबर 2023 को आर्यनगर जंगल के किनारे पुलिस ने फैक्टरी पकड़ी थी। पुलिस ने असलहा बना रहे एक व्यक्ति के साथ की मौके से 11 तमंचे, 12 कारतूस और उपकरण बरामद किए थे।
  • छह जुलाई 2015 को बिंदुखेड़ा में पुलिस ने असलहे की फैक्टरी पकड़ी थी। एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर चार असलहे बरामद किए थे।
  • पुलिस ने अप्रैल 2016 में गदरपुर के ग्राम कलकत्ती से सटे जंगल में तीन असलहा फैक्टरी पकड़ी थी। टीम ने नौ तंमचे, दो अर्द्धनिर्मित तमंचे और उपकरण बरामद किए थे।
  • वर्ष 2018 में सितारगंज पुलिस ने असलहा फैक्टरी पकड़ी थी। पुलिस ने दो युवकों के साथ ही पांच तमंचे, असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए थे।
  • 17 जून 2019 को एसटीएफ और पुलभट्टा पुलिस ने तीन पिस्टल सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। बरेली के बहेड़ी का रहने वाला तस्कर ऊधमसिंहनगर में असलहों को बेचने आ रहा था।
  • 2020 में एसटीएफ और नानकमत्ता पुलिस ने जंगल से असलहा फैक्टरी पकड़ी थी। इनामी बदमाश सहित तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर तीन असलहे और उपकरण बरामद किए थे।
  • 2021 में पुलिस ने रुद्रपुर के भदईपुरा में एक घर से तमंचों की खेप बरामद की थी। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया था।
  • सात अक्तूबर 2023 को एसटीएफ ने कुख्यात असलहा तस्कर गदरपुर के ग्राम खुशहालपुर से गिरफ्तार किया था। उसके पास से दो देशी शार्टगन, पोनिया और तीन तमंचे बरामद किए थे। वह उत्तराखंड के साथ ही यूपी, हरियाणा पंजाब में असलहों की सप्लाई करता था।

 

तमंचे से फायरिंग कर सोशल मीडिया पर अपलोड करना पड़ा था महंगा
दो दिन पहले दिनेशपुर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था। युवक ने रौब दिखाने के लिए तमंचे से फायरिंग कर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया था। यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया और तत्काल युवक की गिरफ्तारी की गई थी। इससे पहले भी रुद्रपुर, पुलभट्टा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में सोशल मीडिया की फोटो और वीडियो के आधार पर शौकिया युवाओं को असलहों के साथ गिरफ्तार किया गया था। 

आसानी से मुहैया हो रहे असलहे
युवाओं के पास आसानी से असलहे पहुंच रहे हैं। खासतौर पर तमंचों की ज्यादा मांग हो रही है। तमंचों का इस्तेमाल झगड़ों में खूब हो रहा है। हाल में ही रंपुरा में एक नामकरण संस्कार की पार्टी में हुए झगड़े में आपराधिक प्रवृत्ति के युवक ने तमंचे से सात बार फायरिंग कर दहशत मचा दी थी। बीते अक्तूबर में रुद्रपुर के प्रीत विहार में मामूली झगड़े के बाद आधा दर्जन युवाओं ने आगजनी के साथ ही अवैध असलहों से फायरिंग कर खौफ फैलाया था। संवाद

गदरपुर में असलहों की खेप के साथ पकड़े गए युवक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही अवैध असलह रखने और सोशल मीडिया में प्रदर्शन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंसी असलहे का दुरुपयोग करने पर भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। - डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।

 

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