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किसान की मौत के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:05 AM IST
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नौगवांठग्गू निवासी जनजाति के किसान राजकिशोर राणा की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने (धारा 306) और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से मृतक का जमीन संबंधी लेनदेन था। इनमें से एक पर मृतक का जमीन खरीद संबंधी बकाया था। दूसरे ने उसकी सात बीघा जमीन में खड़ी धान की फसल को काट लिया था।
पांच अक्तूबर से लापता नौगवांठग्गू निवासी जनजाति के किसान राजकिशोर राणा का शव बुधवार को गांव के नजदीक बहने वाले लोहिया नाले में मिला था। मृतक के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर खटीमा के भूड़ महोलिया गांव निवासी पूरन जोशी और रतनपुर गांव निवासी मनोज चंद्र पर राजकिशोर की हत्या करने का आरोप लगाया था। तहरीर में उन्होंने कहा था कि आरोपी पूरन जोशी पर मृतक का जमीन संबंधी बकाया था। जबकि मनोज चंद ने उसकी सात बीघा जमीन में खड़ी धान की फसल को काट लिया था। उनका आरोप था कि आरोपियों ने राजकिशोर की हत्या कर शव को गांव के नाले में फेंका गया है।
लेकिन पुलिस ने मनोज चंद और पूरन चंद्र जोशी के खिलाफ राजकिशोर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने और एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद दोनों को ग्रीन पार्क से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक दिनेश ने बताया कि तफ्तीश के दौरान यदि जांच में मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा किया जाएगा।
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बसपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर थारु जनजाति के किसान राजकिशोर राणा की मौत के मामले और क्षेत्र में हुई जमीनों की खरीद फरोख्त सीबीआई जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पार्टी के विधान सभा संयोजक रमेश राणा, फूल चंद्र गौतम, श्याम बिहारी, मुकेश गिहार, दिनेश राणा, रोहित राणा आदि थे।
थारु राणा परिषद के पदाधिकारियों ने एसडीएम विनोद कुमार और सीओ राजेश श्रीवास्तव से ज्ञापन देकर ग्रीन पार्क की जमीन पर मृतक के परिजनों को कब्जा दिलाने की मांग की है। कहा कि इस जमीन के खरीददारों ने जमीन का मात्र आठ लाख रुपये में सौदा किया, जबकि यह जमीन करोड़ों रुपये की है। उन्होंने अधिकारियों को जमीन खरीद से संबंधित स्टांप दिखाए। कहा कि वह इस प्रकरण को एसएसपी के समक्ष रखेंगे। एसडीएम व सीओ ने कहा कि ग्रीन पार्क पर जाकर ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, परिषद के अध्यक्ष शीशराम राणा, राकेश राणा, बीना राणा, मलकीत राणा, दिनेश राणा, गोपाल राणा चांदा, रविंद्र राणा, ओपी राणा, सूरज राणा, पूनम राणा, लीलावती राणा आदि मौजूद थे।
जनजाति के किसान की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत के मामले में आरोपी पूरन चंद्र जोशी के गांव के लोग उसके पक्ष में आ गए हैं। उन्होंने एसडीएम विनोद कुमार को ज्ञापन देकर कुछ नेताओं पर पुलिस पर दबाव डालकर उसे इस मामले झूठा फंसाने का आरोप लगाया। ज्ञापन देने वालों में कैलाश चंद्र जोशी, बसंत चंद्र, तारा दत्त जोशी, कृष्ण सिंह, नीरज चंद, भूपेश जोशी, हरीश अधिकारी, गीता देवी, निर्मला चंद, जमुना भट्ट आदि शामिल थे।
पांच अक्तूबर से लापता नौगवांठग्गू निवासी जनजाति के किसान राजकिशोर राणा का शव बुधवार को गांव के नजदीक बहने वाले लोहिया नाले में मिला था। मृतक के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर खटीमा के भूड़ महोलिया गांव निवासी पूरन जोशी और रतनपुर गांव निवासी मनोज चंद्र पर राजकिशोर की हत्या करने का आरोप लगाया था। तहरीर में उन्होंने कहा था कि आरोपी पूरन जोशी पर मृतक का जमीन संबंधी बकाया था। जबकि मनोज चंद ने उसकी सात बीघा जमीन में खड़ी धान की फसल को काट लिया था। उनका आरोप था कि आरोपियों ने राजकिशोर की हत्या कर शव को गांव के नाले में फेंका गया है।
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लेकिन पुलिस ने मनोज चंद और पूरन चंद्र जोशी के खिलाफ राजकिशोर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने और एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद दोनों को ग्रीन पार्क से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक दिनेश ने बताया कि तफ्तीश के दौरान यदि जांच में मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा किया जाएगा।
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बसपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर थारु जनजाति के किसान राजकिशोर राणा की मौत के मामले और क्षेत्र में हुई जमीनों की खरीद फरोख्त सीबीआई जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पार्टी के विधान सभा संयोजक रमेश राणा, फूल चंद्र गौतम, श्याम बिहारी, मुकेश गिहार, दिनेश राणा, रोहित राणा आदि थे।
थारु राणा परिषद के पदाधिकारियों ने एसडीएम विनोद कुमार और सीओ राजेश श्रीवास्तव से ज्ञापन देकर ग्रीन पार्क की जमीन पर मृतक के परिजनों को कब्जा दिलाने की मांग की है। कहा कि इस जमीन के खरीददारों ने जमीन का मात्र आठ लाख रुपये में सौदा किया, जबकि यह जमीन करोड़ों रुपये की है। उन्होंने अधिकारियों को जमीन खरीद से संबंधित स्टांप दिखाए। कहा कि वह इस प्रकरण को एसएसपी के समक्ष रखेंगे। एसडीएम व सीओ ने कहा कि ग्रीन पार्क पर जाकर ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, परिषद के अध्यक्ष शीशराम राणा, राकेश राणा, बीना राणा, मलकीत राणा, दिनेश राणा, गोपाल राणा चांदा, रविंद्र राणा, ओपी राणा, सूरज राणा, पूनम राणा, लीलावती राणा आदि मौजूद थे।
जनजाति के किसान की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत के मामले में आरोपी पूरन चंद्र जोशी के गांव के लोग उसके पक्ष में आ गए हैं। उन्होंने एसडीएम विनोद कुमार को ज्ञापन देकर कुछ नेताओं पर पुलिस पर दबाव डालकर उसे इस मामले झूठा फंसाने का आरोप लगाया। ज्ञापन देने वालों में कैलाश चंद्र जोशी, बसंत चंद्र, तारा दत्त जोशी, कृष्ण सिंह, नीरज चंद, भूपेश जोशी, हरीश अधिकारी, गीता देवी, निर्मला चंद, जमुना भट्ट आदि शामिल थे।