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Udham Singh Nagar News: बेहड़ से ठुकराल की बढ़ी नजदीकियाें से बढ़ा सियासी पारा
Wed, 19 Nov 2025 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:22 AM IST
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रुद्रपुर। तराई की राजनीति में चर्चाओं के केंद्र पर रहने वाले पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सियासी ठौर तलाश रहे हैं। कभी सियासत में दुश्मन रहे किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ से उनकी नजदीकियां चर्चा में है। सोमवार की रात उन्होंने बेहड़ के धरने में पहुंचकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस के प्रति झुकाव को लेकर चल रही कानाफूसी के बाद उन्होंने खुलकर कहा कि हाथ आगे बढ़ा तो वे पंजा थाम लेंगे।
जीबी पंत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की कई मांगों के निस्तारण को लेकर विधायक बेहड़ सोमवार को विवि परिसर में 24 घंटे धरने पर बैठे थे। देर रात पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों के साथ बेहड़ को समर्थन देने के लिए पहुंचे। धरने पर बेहड़ के साथ बैठे ठुकराल का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर ठुकराल समर्थक और विरोधी टिप्पणी करने लगे।
ठुकराल का कहना है कि बेहड़ के धरने पर बैठने पर विवि प्रशासन ने अमानवीय व्यवहार किया। धरना स्थल पर लाइटें बंद कर दी। रातभर विधायक अंधेरे में बैठे रहे। विधायक रहते हुए बेहड़ से उनकी कई बार बयानबाजी से तीखी बहस हुई लेकिन कोई मतभेद नहीं हैं। बेहड़ ने चाहा और उन्हें कांग्रेस में जाने का मौका मिला तो अब वह पीछे नहीं हटेंगे। वह भाजपा छोड़ना नहीं चाहते थे, क्योंकि भाजपा ने उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन अचानक उनका टिकट काट दिया गया।
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इधर, बेहड़ का कहना है कि ठुकराल ने उनके धरने को समर्थन दिया है। पार्टी में किसी के आने का फैसला हाईकमान करता है। पार्टी में जो आना चाहेगा उसका दिल से स्वागत करेंगे।
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जीबी पंत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की कई मांगों के निस्तारण को लेकर विधायक बेहड़ सोमवार को विवि परिसर में 24 घंटे धरने पर बैठे थे। देर रात पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों के साथ बेहड़ को समर्थन देने के लिए पहुंचे। धरने पर बेहड़ के साथ बैठे ठुकराल का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर ठुकराल समर्थक और विरोधी टिप्पणी करने लगे।
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ठुकराल का कहना है कि बेहड़ के धरने पर बैठने पर विवि प्रशासन ने अमानवीय व्यवहार किया। धरना स्थल पर लाइटें बंद कर दी। रातभर विधायक अंधेरे में बैठे रहे। विधायक रहते हुए बेहड़ से उनकी कई बार बयानबाजी से तीखी बहस हुई लेकिन कोई मतभेद नहीं हैं। बेहड़ ने चाहा और उन्हें कांग्रेस में जाने का मौका मिला तो अब वह पीछे नहीं हटेंगे। वह भाजपा छोड़ना नहीं चाहते थे, क्योंकि भाजपा ने उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन अचानक उनका टिकट काट दिया गया।
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इधर, बेहड़ का कहना है कि ठुकराल ने उनके धरने को समर्थन दिया है। पार्टी में किसी के आने का फैसला हाईकमान करता है। पार्टी में जो आना चाहेगा उसका दिल से स्वागत करेंगे।