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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Three years, 116 murders easy access to illegal weapons has led to a rise in crime in the Terai region

Uk: तीन साल, 116 हत्याएं… अवैध असलहों तक आसान पहुंच से तराई में बढ़े अपराध

Fri, 02 Jan 2026 10:20 AM IST
गायत्री जोशी कालिका रावल
कालिका रावल Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 02 Jan 2026 10:20 AM IST
सार

ऊधमसिंह नगर जिले की तराई पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ती हत्याओं से दहलती रही है। आंकड़े बताते हैं कि जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान औसतन हर साल करीब 40 हत्या के मामले सामने आए हैं।

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Three years, 116 murders easy access to illegal weapons has led to a rise in crime in the Terai region
ऊधमसिंह नगर जिले में तीन साल में 116 हत्याएं दर्ज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऊधमसिंह नगर जिले की तराई पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ती हत्याओं से दहलती रही है। आंकड़े बताते हैं कि जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान औसतन हर साल करीब 40 हत्या के मामले सामने आए हैं। अवैध असलहों तक आसान पहुंच से बढ़ती आपराधिक घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

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तीन साल में कुल 116 हत्याओं का दर्ज होना जिले में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 और 2024 में जिले में 44-44 हत्याएं दर्ज की गईं। वहीं वर्ष 2025 में 28 दिसंबर तक 28 हत्या के मामले सामने आ चुके हैं। जिला मुख्यालय से लेकर जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, दिनेशपुर, पंतनगर, किच्छा, पुलभट्टा, सितारगंज और नानकमत्ता तक शायद ही कोई इलाका ऐसा बचा हो जहां हत्या की वारदात न हुई हो।

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अपराधों में वृद्धि का एक बड़ा कारण अवैध असलहों तक आसान पहुंच भी मानी जा रही है। पहले तराई क्षेत्र के अपराधी हथियारों के लिए उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों का रुख करते थे, लेकिन बीते वर्षों में जिले के भीतर ही अवैध हथियार बनाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2015 में बिंदुखेड़ा के जंगल में अवैध असलहा फैक्टरी पकड़ी गई थी। इसके बाद 2016 में बकैनिया क्षेत्र, 2017 में नानकमत्ता और फरवरी 2023 में गदरपुर में भी अवैध हथियार निर्माण के अड्डों का खुलासा हुआ था।

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लालच में अपनों की जान लेने में हिचक नहीं

जमीन और संपत्ति के विवाद के साथ-साथ पति-पत्नी और पारिवारिक झगड़ों में भी लोग कानून हाथ में लेकर जान लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं। बीते कुछ वर्षों की घटनाएं इस प्रवृत्ति की गंभीरता को उजागर करती हैं। अगस्त 2023 में नवाबगंज बरेली निवासी एक व्यक्ति ने संपत्ति के विवाद में अपने सगे भाई की हत्या कर दी थी। सितंबर 2024 में सितारगंज में संपत्ति बंटवारे को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई की जान ले ली। अप्रैल 2025 में जिला मुख्यालय की गल्ला मंडी में दुकान पर कब्जे के विवाद में पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई। नवंबर में भूरारानी क्षेत्र में पत्नी की हत्या के आरोप पति पर लगे। हाल ही में फाजलपुर महरौला की घटना का कारण भी जमीन विवाद बताया गया।



कानून व्यवस्था का पालन कराना और अपराधों में कमी लाना पहली प्राथमिकता है। आपराधिक घटनाओं का त्वरित खुलासा किया जा रहा है। अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए तत्परता से कदम उठाए जा रहे हैं। त्वरित कार्रवाई कर आपराधिक तत्वों को हतोत्साहित किया जा रहा है।-मणिकांत मिश्रा, एसएसपी, यूएस नगर

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