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सितारगंज के तीन दोस्त सरहद की करेंगे निगहबानी
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सितारगंज। तीन दोस्तों की यारी बचपन से लेकर जवानी तक एक साथ गुजरी। संयोग यह भी रहा कि तीनों का आर्मी के कुमाऊं रेजीमेंट में एक साथ चयन हो गया। ज्वाइन इंडियन आर्मी वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित हुआ तो तीनों के परिवार में खुशियां छा गईं।
राजकीय पॉलीटेक्निक शक्तिफार्म से केमिकल्स इंजीनियर की पढ़ाई पूरी कर कल्याणपुर निवासी सूरज आर्या पुत्र सुंदर राम और उसके पड़ोस के ही दोस्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर विशाल कुमार आर्या पुत्र रतन राम वर्मा और उनके तीसरे दोस्त राजकीय महाविद्यालय के छात्र कोटाफार्म निवासी मलकीत सिंह पुत्र अमर सिंह सितंबर में बनबसा में आयोजित आर्मी के कुमाऊं रेजीमेंट की खुली भर्ती में शामिल हुए थे। 24 नवंबर को आर्मी की वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित हुआ तो पता चला कि तीनों का सैनिक के पद पर चयन हो गया।
अमर उजाला से बातचीत में सूरज आर्या ने बताया कि वह तीनों घनिष्ठ दोस्त हैं और एक साथ सेना में भर्ती होने के लिए गए थे। संयोग से तीनों का चयन भी हो गया और अब रानीखेत या रुड़की में ट्रेनिंग होगी। सूरज के पिता सिडकुल में ठेकेदार हैं। विशाल के पिता राजमिस्त्री और मलकीत के पिता किसान हैं। तीनों की मां गृहणी हैं। सूरज ने कहा कि वह तीनों ही देश की सरहदों की रक्षा करने का मन जज्बा रखते थे।
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राजकीय पॉलीटेक्निक शक्तिफार्म से केमिकल्स इंजीनियर की पढ़ाई पूरी कर कल्याणपुर निवासी सूरज आर्या पुत्र सुंदर राम और उसके पड़ोस के ही दोस्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर विशाल कुमार आर्या पुत्र रतन राम वर्मा और उनके तीसरे दोस्त राजकीय महाविद्यालय के छात्र कोटाफार्म निवासी मलकीत सिंह पुत्र अमर सिंह सितंबर में बनबसा में आयोजित आर्मी के कुमाऊं रेजीमेंट की खुली भर्ती में शामिल हुए थे। 24 नवंबर को आर्मी की वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित हुआ तो पता चला कि तीनों का सैनिक के पद पर चयन हो गया।
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अमर उजाला से बातचीत में सूरज आर्या ने बताया कि वह तीनों घनिष्ठ दोस्त हैं और एक साथ सेना में भर्ती होने के लिए गए थे। संयोग से तीनों का चयन भी हो गया और अब रानीखेत या रुड़की में ट्रेनिंग होगी। सूरज के पिता सिडकुल में ठेकेदार हैं। विशाल के पिता राजमिस्त्री और मलकीत के पिता किसान हैं। तीनों की मां गृहणी हैं। सूरज ने कहा कि वह तीनों ही देश की सरहदों की रक्षा करने का मन जज्बा रखते थे।
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