फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   There is a need to make education more inclusive and useful: Sampada Tiwari

शिक्षा को अधिक समावेशी और उपयोगी बनाने की जरूरत : संपदा तिवारी

Mon, 24 Nov 2025 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 24 Nov 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
There is a need to make education more inclusive and useful: Sampada Tiwari
साउथ अफ्रीका में जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों के साथ संपदा तिवारी। विवि
पंतनगर। विवि परिसर निवासी और आरएएन पब्लिक स्कूल रूद्रपुर में कक्षा-12 की छात्रा संपदा तिवारी ने केवल 16 वर्ष की उम्र में विश्व स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। उन्हें यूनिसेफ इनोसेंटी की विश्व बाल रिपोर्ट-2025 के विमोचन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया था। जिसका आयोजन 20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आयोजित जी-20 सोशल शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ।
विज्ञापन

पंतनगर विवि में सह निदेशक शारीरिक शिक्षा डाॅ. भास्कर तिवारी और कृषि महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक डाॅ. रश्मि तिवारी की बेटी संपदा ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन विश्व के प्रमुख नेताओं, नीति-निर्माताओं, युवा प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं का बड़ा मंच है। इस मंच पर शिक्षा और सामाजिक नीति के भविष्य पर विचार होता है। इस कार्यक्रम में वह सबसे कम उम्र की वक्ताओं में शामिल हुई थीं। उन्होंने भारतीय युवाओं से जुड़े अनुभव, समस्याएं और उनका समाधान बहुत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि वह यूनिसेफ इनोसेंटी की ओर से चयनित विश्वस्तर के 15 यूथ फोरसाइट फेलोज में शामिल हैं। उनका चयन दुनिया के छह हजार से अधिक आवेदकों में हुआ था। वह इस सम्मान को पाने वाली सबसे कम उम्र की और पहली भारतीय हैं। संपदा ने बताया कि उनका शोध भारत की किशोरियों की शिक्षा में आने वाले संसाधन और तकनीक से जुड़ी कठिनाइयों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में युवाओं के लिए भविष्य की शिक्षा को अधिक समावेशी और उपयोगी बनाने की आवश्यकता है। सम्मेलन में उन्होंने समुदायों से जुड़े वास्तविक अनुभव भी साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन



-इन्सेट में

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
उम्र कभी तय नहीं करती कि ठोस प्रयास का प्रभाव कितना होगा। मौका मिलने पर युवा दुनिया को बदल सकते हैं। जी-20 मंच पर संपदा की मौजूदगी ने न केवल उनका नाम रोशन किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की युवा पीढ़ी की सोच और क्षमता को भी मजबूत किया है। उनकी यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed