{"_id":"2629252bbc5d18793f099f3522782cba","slug":"the-two-officers-were-summoned-to-phq-statements-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएचक्यू ने बयानों के लिए तलब किए दो अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएचक्यू ने बयानों के लिए तलब किए दो अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
Updated Sun, 31 Jan 2016 04:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिपाही की पीठ पर एसओ को बैठाने के मामले में दोबारा जांच शुरू हो गई है। पीएचक्यू ने शुक्रवार देर रात फैक्स भेजकर बयानों के लिए दो सीओ और दो सिपाहियों को तलब किया तो चारों शनिवार को पीएचक्यू रवाना हो गए। चर्चा है कि एसएसपी को टारगेट करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
बीते 24 जनवरी को सिपाही के कंधे पर एसओ आरसी मखौलिया को बिठाने के मामले में डीजीपी के आदेश पर डीआईजी जांच कर रिपोर्ट सौंप चुके हैं। लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक किए बगैर आईजी दीपक सेठ को प्रकरण की नए सिरे से जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए। जिसके बाद आईजी ने जांच शुरु कर दी। शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे एसएसपी कार्यालय में पीएचक्यू से आदेश पहुंचा।
विज्ञापन
जिसमें दो सीओ बीएस चौहान और राजीव मोहन के साथ ही दो सिपाहियों को शनिवार को बयानों के लिए शाम 3 बजे तक पहुंचने के आदेश दिए गए। आदेश मिलने के बाद शनिवार सुबह चारों लोग पीएचक्यू रवाना हो गए। सूत्र बताते हैं कि एसएसपी को जान बूझकर मामले में दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है। खासतौर पर एक ऐसे अधिकारी को बयान देने के लिए बुलाया, जिसके खिलाफ एसएसपी ने गंभीर मामले में जांच बिठा रखी है।
विज्ञापन
सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिर डीआईजी की जांच में ऐसी क्या खामी थी, जिसके बाद दूसरी जांच की जरूरत पड़ गई। वर्तमान में कुंभ ड्यूटी की वजह से बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर हरिद्वार में तैनात हैं। जिले में सीमित संख्या में बचे अधिकारी और कर्मचारियों पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है। ऐसे में मॉक ड्रिल की जांच एक बार कराने के बाद फिर दूसरे अफसर से कराना चर्चाओं में बना है। इधर एसएसपी केवल खुराना कहते हैं कि फिलहाल इस प्रकरण में उनसे कोई बयान नहीं लिए गए हैं। दो सीओ और दो सिपाहियों को पीएचक्यू से बयानों के लिए बुलाया गया है।