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Kashipur News: सिस्टम की साजिश से सुखवंत के आंगन में अंधेरा, दर-दर की ठोकरें खाने पर भी मिली निराशा
Thu, 15 Jan 2026 11:33 AM IST
गायत्री जोशी
आदर्श सिंह
आदर्श सिंह
Published by: गायत्री जोशी
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:33 AM IST
सार
पुलिस और प्रॉपर्टी डीलरों पर उत्पीड़न के आरोपों के बीच काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने एक परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया।
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घर पर बेसुध पत्नी और अन्य परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुलिस और प्राॅपर्टी डीलरों की साजिश से किस तरह एक आंगन में अंधेरा छा गया काशीपुर का किसान सुखवंत उसकी बानगी है। सुखवंत इंसाफ के लिए दर-दर भटकता रहा। उसे न्याय के बदले गालीगलौज और मानसिक प्रताड़ना मिली। प्रताड़ना से तंग आकर उसने जिंदगी का अंत करने का फैसला किया। पुलिस के बड़े अधिकारी उसे अब मानसिक रोगी तक बताने पर उतारु हैं। बेटा कह रहा है कि पापा दूर चले गए हैं। अब पलक बिछाए मेरा इंतजार कौन करेगा, पत्नी बेसुध होकर इंसाफ की आस में बैठी हैं।
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हल्द्वानी में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रुपयों के लालची लोगों की साजिशों में फंसकर वे प्रताड़ित होते रहे। करोड़ों रुपये डूबने के बाद सुखवंत को अपने परिवार का भविष्य खतरे में नजर आने लगा। न्याय के लिए सभी दफ्तरों और नेताओं के चक्कर काटे, कइयों के पैर तक पकड़े लेकिन उनकी पीड़ा को दूर करने की किसी ने कोशिश नहीं की। हर तरफ से उसे दुत्कार ही मिली। इस घटना ने पूरे परिवार को ऐसा जख्म दिया जो शायद ही कभी भर पाए।
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सुखवंत की मौत के बाद तीन दिन से उसके घर पर नेताओं और अधिकारियों की लाइन लगी है। सभी साथ खड़े होने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन अब सुखवंत वापस नहीं आएगा। गुरसहज के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है और अब घर में सिर्फ सन्नाटे की गूंज है।
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