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Udham Singh Nagar News: सिस्टम सोया... सड़कें बन रहीं लावारिस पशुओं का ठिकाना
Mon, 07 Sep 2026 12:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:40 AM IST
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रुद्रपुर। शहर में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रमुख सड़कों पर कहीं पशु बीच मार्ग पर बैठे नजर आ रहे हैं तो कहीं झुंड बनाकर घूमते दिखाई देते हैं। इससे वाहन चालकों को अपनी रफ्तार नियंत्रित करने के साथ कई बार रास्ता बदलकर निकलना पड़ रहा है।
शनिवार की रात और रविवार की दोपहर में शहर के विभिन्न मार्गों की पड़ताल में सिडकुल ढाल, किच्छा रोड, काशीपुर रोड, सिडकुल कट और पंतनगर रोड पर कई स्थानों पर बेसहारा पशु सड़क पर दिखाई दिए। व्यस्त मार्गों पर इनकी मौजूदगी के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती रही। कई जगह स्थिति ऐसी रही कि वाहन चालकों को खुद नीचे उतरकर पशुओं को सड़क से हटाना पड़ा। वहीं, एक साथ कई पशु सड़क पर आ जाने से वाहनों को निकलने के लिए सीमित जगह ही बची।
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एक बार पकड़कर छोड़ने से नहीं सुधरेगी तस्वीर, चाहिए लगातार निगरानी
बेसहारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान केवल उन्हें सड़क से हटाने तक सीमित नहीं है। पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने के बाद भी यह देखना जरूरी है कि वे दोबारा सड़कों पर न पहुंचें। इसके लिए नगर निगम को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार कर नियमित निगरानी करनी होगी।
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कूड़ा हटे तो सड़कों पर पशुओं की आवाजाही भी घटे
सड़कों पर बेसहारा पशुओं के जमावड़े की एक बड़ी वजह खुले में पड़ा खाद्य कचरा भी है। बाजारों और आबादी वाले इलाकों में बचा हुआ खाना और अन्य कचरा सड़क किनारे पहुंचते ही पशु वहां एकत्र हो जाते हैं। कुछ देर बाद यही पशु सड़क के बीच तक पहुंच जाते हैं और यातायात प्रभावित होने लगता है। इसलिए पशुओं की धरपकड़ के साथ कूड़ा प्रबंधन को भी अभियान का हिस्सा बनाना जरूरी है।
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शनिवार की रात और रविवार की दोपहर में शहर के विभिन्न मार्गों की पड़ताल में सिडकुल ढाल, किच्छा रोड, काशीपुर रोड, सिडकुल कट और पंतनगर रोड पर कई स्थानों पर बेसहारा पशु सड़क पर दिखाई दिए। व्यस्त मार्गों पर इनकी मौजूदगी के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती रही। कई जगह स्थिति ऐसी रही कि वाहन चालकों को खुद नीचे उतरकर पशुओं को सड़क से हटाना पड़ा। वहीं, एक साथ कई पशु सड़क पर आ जाने से वाहनों को निकलने के लिए सीमित जगह ही बची।
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एक बार पकड़कर छोड़ने से नहीं सुधरेगी तस्वीर, चाहिए लगातार निगरानी
बेसहारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान केवल उन्हें सड़क से हटाने तक सीमित नहीं है। पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने के बाद भी यह देखना जरूरी है कि वे दोबारा सड़कों पर न पहुंचें। इसके लिए नगर निगम को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार कर नियमित निगरानी करनी होगी।
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कूड़ा हटे तो सड़कों पर पशुओं की आवाजाही भी घटे
सड़कों पर बेसहारा पशुओं के जमावड़े की एक बड़ी वजह खुले में पड़ा खाद्य कचरा भी है। बाजारों और आबादी वाले इलाकों में बचा हुआ खाना और अन्य कचरा सड़क किनारे पहुंचते ही पशु वहां एकत्र हो जाते हैं। कुछ देर बाद यही पशु सड़क के बीच तक पहुंच जाते हैं और यातायात प्रभावित होने लगता है। इसलिए पशुओं की धरपकड़ के साथ कूड़ा प्रबंधन को भी अभियान का हिस्सा बनाना जरूरी है।