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Udham Singh Nagar News: मानक 80 का है और 200 छात्रों को पढ़ा रहे प्राध्यापक
Wed, 20 Mar 2024 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 20 Mar 2024 11:15 PM IST
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एसबीएस पीजी काॅलेज का भवन। काॅलेज प्रशासन
Iएसबीएस पीजी काॅलेज में 7500 छात्रों पर मात्र 45 प्राध्यापक ही नियुक्तI
रुद्रपुर।
एसबीएस पीजी काॅलेज में यूजीसी के मानकों के अनुरूप प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं है। यूजीसी के मानक पर 80 छात्रों पर एक प्राध्यापक की नियुक्त होती है पर यहां 150 से 200 छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक प्राध्यापक पर है। वहीं सांख्यिकी, काॅमर्स, मनोविज्ञान फैकेल्टी में प्राध्यापकों का खासा अभाव है। वर्ष 1974 में रुद्रपुर डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई। उस समय कुल प्राध्यापकों के 52 पद सृजित थे। वर्तमान में पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 7500 है। इस बड़ी संख्या के सापेक्ष 45 प्राध्यापक ही कॉलेज में तैनात हैं। पद सृजन के अनुसार भी सात प्राध्यापकों की कमी है। काॅलेज स्थापना के समय विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी। वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विषय भी अधिक हो गए लेकिन प्राध्यापकों की संख्या वही रही।
कॉलेज प्रशासन की ओर से पदों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा गया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीसी पंत बताते हैं कि यूजीसी के मानकों के अनुसार कॉलेज में प्रति 80 विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके अलावा जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती हैं, उनमें प्राध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कॉलेज की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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I25 अतिथि शिक्षक मिलने थे, लग गई आचार संहिताI
रुद्रपुर। प्राचार्य बताते हैं कि पीजी काॅलेज में छात्रों के सापेक्ष प्राध्यापकों की बड़ी कमी को देखते हुए 25 अतिथि शिक्षक देने की बात कही गई थी। अभी यह प्रकिया पूरी हो पाती कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी हो गई। अब चुनाव के बाद अतिथि शिक्षक मिल सकेंगे। संवाद
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रुद्रपुर।
एसबीएस पीजी काॅलेज में यूजीसी के मानकों के अनुरूप प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं है। यूजीसी के मानक पर 80 छात्रों पर एक प्राध्यापक की नियुक्त होती है पर यहां 150 से 200 छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक प्राध्यापक पर है। वहीं सांख्यिकी, काॅमर्स, मनोविज्ञान फैकेल्टी में प्राध्यापकों का खासा अभाव है। वर्ष 1974 में रुद्रपुर डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई। उस समय कुल प्राध्यापकों के 52 पद सृजित थे। वर्तमान में पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 7500 है। इस बड़ी संख्या के सापेक्ष 45 प्राध्यापक ही कॉलेज में तैनात हैं। पद सृजन के अनुसार भी सात प्राध्यापकों की कमी है। काॅलेज स्थापना के समय विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी। वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विषय भी अधिक हो गए लेकिन प्राध्यापकों की संख्या वही रही।
कॉलेज प्रशासन की ओर से पदों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा गया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीसी पंत बताते हैं कि यूजीसी के मानकों के अनुसार कॉलेज में प्रति 80 विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके अलावा जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती हैं, उनमें प्राध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कॉलेज की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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I25 अतिथि शिक्षक मिलने थे, लग गई आचार संहिताI
रुद्रपुर। प्राचार्य बताते हैं कि पीजी काॅलेज में छात्रों के सापेक्ष प्राध्यापकों की बड़ी कमी को देखते हुए 25 अतिथि शिक्षक देने की बात कही गई थी। अभी यह प्रकिया पूरी हो पाती कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी हो गई। अब चुनाव के बाद अतिथि शिक्षक मिल सकेंगे। संवाद
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