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रामपुर के किसानों ने पावर ग्रिड के मुख्य प्रबंधक को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/काशीपुर।
Updated Sun, 11 Oct 2015 12:19 AM IST
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काशीपुर-बरेली पावर ग्रिड के नीचे आए पेड़ों का तय मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर जिला रामपुर व स्थानीय किसानों ने मुख्य प्रबंधक पावर ग्रिड का घेराव कर धरना दिया। मुख्य प्रबंधक के पेड़ों के मूल्यांकन को तीन सदस्यों की समिति गठित कर रिपोर्ट आने पर उचित मुआवजा देने का आश्वासन देने पर किसान शांत होकर वापस लौट गए।
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शनिवार शाम भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा और भाकियू रामपुर के जिलाध्क्ष गुरविंद्र सिंह पन्नू, जिला महामंत्री बलजिंदर सिंह संधू के नेतृत्व में जिला रामपुर व उनके समर्थन में स्थानीय किसानों ने पावर कारपोरेशन ग्रिड के रानी पद्मवती कालोनी स्थित कार्यालय पर ग्रिड के मुख्य प्रबंधक एचसी बिष्ट का घेराव किया। गुरविंदर सिंह पन्नू ने कहा कि पावर ग्रिड रामपुर के किसानों के साथ वायदा खिलाफी कर रहा है। काशीपुर-बरेली 400 केवी की ग्रिड लाइन के नीचे तहसील बिलासपुर (रामपुर) के ग्राम टाकी, ज्वालापुर, रंपुरा, रफाउतपुर, नया गांव, अली नगर कोटा, जोसफ नगर के किसानों के खेत आ रहे हैं। जबकि लाइन खींचते समय ग्रिड के अधिकारियों ने लाइन के नीचे आने वाले सभी छोटे-बडे़ पेड़ो का मुआवजा 550 रुपये प्रति पेड़ देना तय किया था। लेकिन अब जब लाइन चालू हो गई है। तो तीन, चार फीट गोलाई के शीशम, यूकेलिप्टिस व पॉपुलर के पेड़ों को मात्र तीन चार इंच के दिखाकर किसानों को 150 से 200 सौ रुपये के चेक दिए जा रहे हैं। लाइन के नीचे कई किसानों के डीप बोरिंग भी आ रहे हैं। जिन में करंट आने का खतरा हो गया है। उनका भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। सतनाम सिंह चीमा ने कहा अगर किसानों को तय दर से मुआवजा नहीं दिया गया तो दोनों जिलों के किसान आंदोलन को मजबूर होंगे। ग्रिड मुख्य प्रबंधक ने कहा कि कम मुआवजा की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर मुआवजा तय होगा। किसानों का नुकसान नही होने दिया जाएगा। घेराव करने वालों में भाकियू के जिला महामंत्री बलजिंदर सिंह संधू, हरदेव सिंह हैरी, जगजीत सिंह, सुनील मौर्य, गुरुमेज सिंह, दर्शन कांबोज, शेर चंद्र, हरकिशन पाल, बलविदर सिंह, माखन सिंह आदि थे।
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