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Udham Singh Nagar News: तापमान में आई गिरावट ने बढ़ा दिया लीची का उत्पादन
Sat, 07 Jun 2025 01:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 07 Jun 2025 01:00 AM IST
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काशीपुर। गर्मी का सीजन शुरू होते ही लोगों को लीची का इंतजार रहता है। इस वर्ष तापमान कम होने और लू न चलने से लीची का उत्पादन अधिक होने से जहां लीची उत्पादकों के चेहरे पर रौनक है, वहीं बाजार में भारी मात्रा में लीची बिक्री के लिए आ रही है।
बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष क्षेत्र में लीची का उत्पादन बहुत अच्छा हुआ है। इसकी मुख्य वजह गर्मी के दौरान तापमान कम होने और लू न चलने से लीची के पेड़ फलों से लदे हुए हैं। लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्वेतांशु चतुर्वेदी बताते हैं कि लीची एक ऐसा फल है जो तापमान के मुताबिक फलता-फूलता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में तापमान बीते वर्ष की अपेक्षा काफी कम रहा है। साथ ही समय-समय पर बादल छाए रहे। कहा यह तापमान लीची के लिए काफी लाभदायक साबित हुआ और पेड़ लीची से लदे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लीची पर फूल आने के समय से ही मौसम लीची के अनुकूल रहा, जिससे उत्पादन बढ़ा है।
लीची के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
संघ के अध्यक्ष ने बताया कि जिले में लगभग 700 से 800 हेक्टेयर में चार से पांच हजार टन लीची का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि लीची का एक पेड़ 70 किलो से एक क्विंटल तक फल देता है। बताया कि एक एकड़ में 50 से 70 पेड़ लगे होते हैं। वहीं लीची उत्पादक को सभी खर्चे निकालकर एक एकड़ से एक से डेढ़ लाख के मुनाफे का अनुमान है। बीते वर्ष अधिक गर्मी होने के कारण लीची का उत्पादन काफी कम हुआ था, वहीं इस वर्ष अधिक उत्पादन होने से लीची की बागबानी करने वालों के चेहरे पर रौनक है। उन्होंने बताया इस वर्ष लीची फुटकर में 100 से 130 रुपये तक बिक रही है।
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बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष क्षेत्र में लीची का उत्पादन बहुत अच्छा हुआ है। इसकी मुख्य वजह गर्मी के दौरान तापमान कम होने और लू न चलने से लीची के पेड़ फलों से लदे हुए हैं। लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्वेतांशु चतुर्वेदी बताते हैं कि लीची एक ऐसा फल है जो तापमान के मुताबिक फलता-फूलता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में तापमान बीते वर्ष की अपेक्षा काफी कम रहा है। साथ ही समय-समय पर बादल छाए रहे। कहा यह तापमान लीची के लिए काफी लाभदायक साबित हुआ और पेड़ लीची से लदे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लीची पर फूल आने के समय से ही मौसम लीची के अनुकूल रहा, जिससे उत्पादन बढ़ा है।
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लीची के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
संघ के अध्यक्ष ने बताया कि जिले में लगभग 700 से 800 हेक्टेयर में चार से पांच हजार टन लीची का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि लीची का एक पेड़ 70 किलो से एक क्विंटल तक फल देता है। बताया कि एक एकड़ में 50 से 70 पेड़ लगे होते हैं। वहीं लीची उत्पादक को सभी खर्चे निकालकर एक एकड़ से एक से डेढ़ लाख के मुनाफे का अनुमान है। बीते वर्ष अधिक गर्मी होने के कारण लीची का उत्पादन काफी कम हुआ था, वहीं इस वर्ष अधिक उत्पादन होने से लीची की बागबानी करने वालों के चेहरे पर रौनक है। उन्होंने बताया इस वर्ष लीची फुटकर में 100 से 130 रुपये तक बिक रही है।
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