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नौसर का ब्रिटिशकालीन पुल क्षतिग्रस्त
ब्यूराे/अमर उजाला, ख्ाटीमा
Updated Sat, 24 Jan 2015 12:20 AM IST
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सत्रहमील-नौसर-नानकसागर कालोनी मार्ग पर ग्राम नौसर में स्थित
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ब्रिटिशकालीन लोहे का पुल शुक्रवार को क्षतिग्रस्त हो गया। इस पर एसडीएम
चंद्र सिंह इमलाल ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। अब गन्ने भरे
ट्रकों, ट्रैक्टर ट्रालियों को पांच से 10 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
हालांकि पुल से दोपहिया और हल्के चार पहिया वाहनों का आवागमन जारी है।
सितारगंज और पीलीभीत मार्ग के बीच विशेष परिस्थितियों में बाईपास के रूप में प्रयुक्त होने वाले सत्रहमील नानक सागर कालोनी मार्ग के बीच नौसर का पुल शुक्रवार दोपहर बाद एक भारी वाहन के निकलने पर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी सूचना अधिशासी अभियंता वाईके शैल ने पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन को दी। इस पर एसडीएम इमलाल ने भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगा दी। हालांकि जर्जर पुल पर बाहरी भारी वाहनों पर पहले से ही रोक थी, लेकिन आसपास के दर्जन भर गांवों के लोग ट्रैक्टर ट्राली और गन्ने के ट्रक आते जाते थे।
उन्हें अब पांच से 10 किमी का अधिक सफर करना पड़ेगा। ग्रामीणों की वर्षों की मांग के बाद छह माह पहले पुल का निर्माण शुरू हुआ है। जिसमें एक साल का और समय लग सकता है। एसडीएम इमलाल ने नानक सागर से ही भारी वाहनों के प्रवेश न करने और पुल पर पुलिस तैनात करने को कहा है।
सितारगंज और पीलीभीत मार्ग के बीच विशेष परिस्थितियों में बाईपास के रूप में प्रयुक्त होने वाले सत्रहमील नानक सागर कालोनी मार्ग के बीच नौसर का पुल शुक्रवार दोपहर बाद एक भारी वाहन के निकलने पर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी सूचना अधिशासी अभियंता वाईके शैल ने पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन को दी। इस पर एसडीएम इमलाल ने भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगा दी। हालांकि जर्जर पुल पर बाहरी भारी वाहनों पर पहले से ही रोक थी, लेकिन आसपास के दर्जन भर गांवों के लोग ट्रैक्टर ट्राली और गन्ने के ट्रक आते जाते थे।
उन्हें अब पांच से 10 किमी का अधिक सफर करना पड़ेगा। ग्रामीणों की वर्षों की मांग के बाद छह माह पहले पुल का निर्माण शुरू हुआ है। जिसमें एक साल का और समय लग सकता है। एसडीएम इमलाल ने नानक सागर से ही भारी वाहनों के प्रवेश न करने और पुल पर पुलिस तैनात करने को कहा है।