अजब गजब हाल: सीएम की घोषणा के बाद भी भवन पर किसी को नहीं आया तरस, खंडहर होने लगा है थारू विकास भवन
सिस्टम का अजब गजब हाल देखना है तो नानकमत्ता के बिडौरी गांव में चले जाइए। यहां थारू विकास भवन खंडहर हो रहा है। इस कदर भुला दिया जाएगा किसी ने सोचा नहीं था। वह भी तब जब मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल है।
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सिस्टम का अजब गजब हाल देखना है तो नानकमत्ता के बिडौरी गांव में चले जाइए। यहां थारू विकास भवन खंडहर हो रहा है। इस कदर भुला दिया जाएगा किसी ने सोचा नहीं था। वह भी तब जब मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल है। बताया तो यह जा रहा है कि शासन की ओर से कार्यदायी संस्था को इसके निर्माण के लिए बजट नहीं दिया गया।
सितारगंज-नानकमत्ता में थारू जनजाति के लोगों के सामूहिक कार्यक्रम या फिर शादी-विवाह के आयोजन के लिए वर्ष 2018 में तत्कालीन सीएम ने थारू विकास भवन बनाने की घोषणा की थी। ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से थारू विकास भवन का एक करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से प्रस्ताव तैयार कर बजट की मांग की गई। वर्ष 2020 में ग्रामीण निर्माण विभाग को थारू भवन बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये का बजट दिया गया।
कार्यदायी संस्था की ओर से इतने बजट में थारू भवन की बाउंड्री वॉल व पहली मंजिल तक इमारत बनाकर तैयार कर दी गई लेकिन उसके बाद शासन की ओर से विभाग को बजट नहीं मिल सका।
ये हो रहा नुकसान
- निर्माणाधीन भवन की सरियों में भी जंग लगना शुरू हो गई है।
- परिसर में उगीं झाड़ियों को अब बकरियां खा रही हैं।
- दूसरी मंजिल को जाने वाली सीढ़ियों में घासें उग गईं हैं।
- दीवारों पर काई लगने लगी है।
बजट नहीं मिलने के चलते थारू विकास भवन का निर्माण रुका पड़ा है। निर्माण के लिए शासन से 50 लाख रुपये का बजट दिया गया था, उस बजट से निर्माण कर दिया गया है लेकिन शेष का बजट अब तक नहीं मिला है। बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग।
ब्लॉक कार्यालय भवन बनकर तैयार, फिर भी जर्जर भवन में बैठ रहे अधिकारी-कर्मी
रुद्रपुर ब्लॉक कार्यालय का भव्य भवन पांच माह से बनकर तैयार है। पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से 2.62 करोड़ रुपये की लागत से बने निर्माण कार्य का लोकार्पण भी कर दिया गया है। अभी भी भवन के छोटे-मोटे कार्य अधूरे हैंए जिसके चलते खंड विकास अधिकारी व ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारी जर्जर भवन में बैठने के लिए मजबूर हैं।
ब्लॉक कार्यालय का वर्षों पुराना भवन जर्जर होने के चलते परिसर में ही कुछ कार्यालयों को तोड़कर उसके ऊपर नए आरडब्ल्यूडी ने विकास खंड कार्यालय का निर्माण किया है। पांच माह से भवन बनकर तैयार है लेकिन अधिकारी और कर्मचारी जर्जर भवन में बैठकर कामकाज कर रहे हैं। ग्रामीण निर्माण विभाग के अभियंताओं की मानें तो ब्लॉक कार्यालय के नए भवन का अधिकारी हस्तांतरण नहीं ले रहे हैं।
इधर, रुद्रपुर खंड विकास अधिकारी असीत आनंद ने बताया की ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से भवन निर्माण का कार्य तो पूरा कर दिया है लेकिन अभी भी कई छोटे-मोटे कार्य अधूरे हैं। विभाग से भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है।
ग्रामीण निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अनुपम भटनागर ने शुक्रवार को ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंजीनियर को जल्द से जल्द सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंजीनियर को निर्देश दिए कि छोटे-मोटे कार्य निपटाने के बाद भवन को हस्तांतरण कर दिया जाए। वहां ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई पंकज कुमार, बीडीओ असीत आनंद, एई सौरभ यादव, अंगद राजपूत आदि थे।