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किशोर के अपहरण करने वाले चार आरोपियों को दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने कुंडा थाना क्षेत्र निवासी एक राइस मिलर के 14 वर्षीय पुत्र का अपहरण कर 30 लाख की फिरौती मांगने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। किशोर को बदमाशों ने रविवार को ही छोड़ दिया था।
किशोर के अपहरण करने वालों की धर पकड़ के लिए लगी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हरियावाला चौक के निकट चार बदमाशों को तब दबोच लिया, जब चारों भागने की फिराक में बस का इंतजार कर रहे थे।
पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में अपना नाम हरपाल सिंह पुत्र बलवीर सिंह व जसपाल पुत्र काबुल निवासी रमनावाला थाना ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद), गुरविंदर पुत्र बछन सिंह निवासी गिरजा मुंशी थाना कुंडा, गुरमुख पुत्र सतनाम निवासी तुगलपुर खानपुर (हरिद्वार) बताया। पुलिस ने इनके पास से 315 बोर के दो तमंचे बरामद किए। सोमवार की देर शाम एएसपी कमलेश उपाध्याय के कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में पुलिस कप्तान सेंथिल अबुदई ने बताया कि ग्राम हल्दुआ शाहू निवासी जगदीश कुमार के पुत्र आर्यन (14) का चार नवंबर की शाम अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था।
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किशोर के पिता से 30 लाख की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलते ही उन्होंने एएसपी कमलेश उपाध्याय व एएसपी पंकज भट्ट के नेतृत्व में टीम गठित की। एसओजी को भी टीमों की मदद में लगाया गया। कप्तान ने बताया कि इसी दौरान मुख्य आरोपी हरपाल चिंहित हो गया था। नरेश चौहान व धोनी की टीमों ने संदिग्धों के घरों में छापामारी की। इससे घबराकर अपहरणकर्ताओं ने रविवार की शाम बालक आर्यन को हरियावाला चौक पर छोड़ दिया।
एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अपहरण की घटना का मुख्य अभियुक्त हरपाल ने पूरे घटनाक्रम का तानाबाना बुना। हरपाल सिंह आर्यन के पिता जगदीश की मिल को कृषि रॉ मटेरियल देता था। जिससे उसके दिमाग में एक मुश्त रुपए कमाने के लिए उनके पुत्र का अपहरण करने की बात आई। उसका रिश्तेदार गुरमुख सिंह जो इन दिनों खानपुर हरिद्वार के एक गुरूद्वारे में ग्रंथी था उसे भी यहां बुलाकर इस योजना में शामिल किया। एएसपी उपाध्याय ने बताया कि अपहरण कर्ताओं ने आर्यन को दो दिन तक पशुपति एक्रोलोन फैक्ट्री के पीछे गुरविंदर के गन्ने के खेत में रखा था। उसे तमंचा दिखाकर बार बार डराया जाता था।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी कर्मचारी
एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि किशोर आर्यन के अपहरण को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के लिए 13 टीमे गठित की गई थी। जिसमें सीओ राजीव मोहन, संजय पाठक प्रभारी निरीक्षक कुंडा, भूपेंद्र सिंह धोनी प्रभारी निरीक्षक बाजपुर, नरेश चौहान प्रभारी निरीक्षक आईटीआई, नरेश चंद्र प्रभारी निरीक्षक जसपुर, ओमप्रकाश प्रभारी निरीक्षक काशीपुर, विकास चौधरी एसओजी प्रभारी, जसवंत सिंह एसओजी, उपनिरीक्षक सुधाकर जोशी, उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट, उपनिरीक्षक नंदन सिंह रावत, उपनिरीक्षक बीडी जोशी, उपनिरीक्षक प्रहलाद बिष्ट, उपनिरीक्षक जसविंदर सिह आदि टीम में शामिल थे।
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किशोर के अपहरण करने वालों की धर पकड़ के लिए लगी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हरियावाला चौक के निकट चार बदमाशों को तब दबोच लिया, जब चारों भागने की फिराक में बस का इंतजार कर रहे थे।
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पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में अपना नाम हरपाल सिंह पुत्र बलवीर सिंह व जसपाल पुत्र काबुल निवासी रमनावाला थाना ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद), गुरविंदर पुत्र बछन सिंह निवासी गिरजा मुंशी थाना कुंडा, गुरमुख पुत्र सतनाम निवासी तुगलपुर खानपुर (हरिद्वार) बताया। पुलिस ने इनके पास से 315 बोर के दो तमंचे बरामद किए। सोमवार की देर शाम एएसपी कमलेश उपाध्याय के कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में पुलिस कप्तान सेंथिल अबुदई ने बताया कि ग्राम हल्दुआ शाहू निवासी जगदीश कुमार के पुत्र आर्यन (14) का चार नवंबर की शाम अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था।
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किशोर के पिता से 30 लाख की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलते ही उन्होंने एएसपी कमलेश उपाध्याय व एएसपी पंकज भट्ट के नेतृत्व में टीम गठित की। एसओजी को भी टीमों की मदद में लगाया गया। कप्तान ने बताया कि इसी दौरान मुख्य आरोपी हरपाल चिंहित हो गया था। नरेश चौहान व धोनी की टीमों ने संदिग्धों के घरों में छापामारी की। इससे घबराकर अपहरणकर्ताओं ने रविवार की शाम बालक आर्यन को हरियावाला चौक पर छोड़ दिया।
एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अपहरण की घटना का मुख्य अभियुक्त हरपाल ने पूरे घटनाक्रम का तानाबाना बुना। हरपाल सिंह आर्यन के पिता जगदीश की मिल को कृषि रॉ मटेरियल देता था। जिससे उसके दिमाग में एक मुश्त रुपए कमाने के लिए उनके पुत्र का अपहरण करने की बात आई। उसका रिश्तेदार गुरमुख सिंह जो इन दिनों खानपुर हरिद्वार के एक गुरूद्वारे में ग्रंथी था उसे भी यहां बुलाकर इस योजना में शामिल किया। एएसपी उपाध्याय ने बताया कि अपहरण कर्ताओं ने आर्यन को दो दिन तक पशुपति एक्रोलोन फैक्ट्री के पीछे गुरविंदर के गन्ने के खेत में रखा था। उसे तमंचा दिखाकर बार बार डराया जाता था।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी कर्मचारी
एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि किशोर आर्यन के अपहरण को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के लिए 13 टीमे गठित की गई थी। जिसमें सीओ राजीव मोहन, संजय पाठक प्रभारी निरीक्षक कुंडा, भूपेंद्र सिंह धोनी प्रभारी निरीक्षक बाजपुर, नरेश चौहान प्रभारी निरीक्षक आईटीआई, नरेश चंद्र प्रभारी निरीक्षक जसपुर, ओमप्रकाश प्रभारी निरीक्षक काशीपुर, विकास चौधरी एसओजी प्रभारी, जसवंत सिंह एसओजी, उपनिरीक्षक सुधाकर जोशी, उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट, उपनिरीक्षक नंदन सिंह रावत, उपनिरीक्षक बीडी जोशी, उपनिरीक्षक प्रहलाद बिष्ट, उपनिरीक्षक जसविंदर सिह आदि टीम में शामिल थे।