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तराई में ताऊते, बारिश से जनजीवन प्रभावित
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रुद्रपुर/दिनेशपुर। चक्रवाती तूफान ताउते ने ऊधमसिंह नगर में भी दस्तक दे दी है। ताउते के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण जिले में बुधवार को रुक-रुककर हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। असम राज्य में चक्रवाती संचरण का भी जिले में असर हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को भी इसी तरह तेज बारिश की संभावना जताई है।
समुद्री तूफान ताउते ने गुजरात और मुंबई के बाद विभिन्न राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में भी दस्तक दे दी है। जिले में दो दिन से लगातार बारिश जारी है। बृहस्पतिवार को जिले में 86.9 एमएम बारिश हुई। रुद्रपुर में डीडी चौक, इंदिरा कॉलोनी, अग्रसेन चौक, सिब्बल सिनेमा मार्ग, गांधी पार्क आदि स्थानों पर जलभराव हो गया।
मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में जलभराव के साथ ही कीचड़ की भी समस्या रही। बारिश के कारण दिन में हल्का अंधेरा छाने के कारण वाहनों की हेडलाइट ऑन नजर आई। बारिश के साथ ही ठंडक बढ़ने से न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया। उधर, जिले में दो दिनों से लगातार तेज बारिश के कारण प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
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हालांकि जिले की नदियों और जलाशयों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। यदि जिले में बारिश इसी तरह लगातार जारी रही तो नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
उधर, दिनेशपुर में भी बारिश से लोग परेशान रहे। नगर और ग्रामीण अंचलों के निचले इलाकों में कई जगह जलभराव हो गया। बारिश के साथ तेज हवा के चलने से कई स्थानों पर बिजली की लाइनों पर पेड़ की टहनियां गिर गईं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। (संवाद)
जिले में भी चक्रवाती तूफान ताउते ने दस्तक दे दी है। इस कारण दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी इसी तरह बारिश की संभावना है। गुजरात में ताउते के सक्रिय होने के कारण जिले में नमी युक्त हवा पहुंच रही है। वहीं, असम राज्य में चक्रवाती संचरण बन रहा है। इससे जिले में अधिक बारिश हो सकती है। - डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय।
लगातार हुई बरसात से तालाब बन गई शहर की सड़कें
काशीपुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से बृहस्पतिवार को शहर की सभी सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। गलियों में भी जलभराव होने से लोग परेशान रहे। नालियां चोक होने से कुछ स्थानों पर कूड़ा सड़क पर आ गया तो कहीं लोगों के घरों तक कीचड़ पहुंच गया।
बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन भर जारी रही। बारिश के पानी से शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं थी, जिसमें जलभराव न हुआ हो। रामनगर रोड पर काफी अधिक जलभराव होने से वाहनों को आवाजाही में परेशानी हुई तो कुछ दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो गए। बाजार की गलियों में भी काफी जलभराव रहा। मानपुर रोड, बाजपुर रोड और मुरादाबाद रोड पर भी जलभराव की समस्या रही। मूसलाधार बारिश से आम की फसल को भी कुछ हद तक नुकसान पहुंचा है।
इधर, सुल्तानपुर पट्टी में भी बारिश ने ग्राम प्रधानों के दावों की पोल खोल दी। नालियों की सफाई न होने और सड़कें ऊंची होने से कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। ग्रामीण शिवकुमार, बसंती देवी, काले सिंह और प्रेम सिंह ने बताया कि ग्राम रामजीवनपुर से सरकरा को जाने वाली सड़क का कुछ महीनों पहले निर्माण हुआ था।
निर्माण में मिट्टी का भरान किया गया था, जिससे सड़क से मिलने वाली तीन छोटी सड़कें नीची हो गईं। इससे बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। सफाई न होने से नालियों में भरा मलबा सड़क पर आता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्राम प्रधान बंटी तोमर ने बताया कि बजट न मिलने से समस्या हो रही है। बजट मिलते ही गांव में सभी छोटी-बड़ी सड़कें और नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
दुकानों में बारिश का पानी घुसने से नुकसान
जसपुर। लगातार हो रही बारिश से नगर के मुख्य बाजार की दुकानों और घरों में नालियों का गंदा पानी भर गया। इससे दुकानों में रखा कीमती सामान खराब हो गया। विधायक ने ईओ और जेई को बुलाकर जलभराव पर नाराजगी व्यक्त की और जल्द व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
लॉकडाउन के चलते कई दिनों से बंद पड़ी दुकानों में चोक पड़ी नालियों का पानी भर गया। व्यापारियों ने विधायक आदेश चौहान को मामले की सूचना दी। विधायक ने मौके पर पहुंचकर नगर पालिका के ईओ जगदीश चंद्र को बुलाया। यहां व्यापारियों का कहना था कि कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। तीन माह से दो नालों का निर्माण भी अधूरा पड़ा है, जिससे उनकी दुकान में पानी भर गया है।
विधायक ने ईओ जगदीश चंद्र को नगर के बाजार और नगर के बाहर भगवंतपुर गांव के पास निर्माणाधीन दोनों नालों का शीघ्र निर्माण कराने और अन्य नालियों की तली झाड़ सफाई कराने को कहा। ईओ ने दोनों नालों का एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया। ईओ ने बताया कि सफाई कर्मियों को बुलवाकर नालियां खुलवा दी गई हैं। (संवाद)
खटीमा में चौबीस घंटे में 28 एमएम बारिश दर्ज
खटीमा। ब्लॉक में चौबीस घंटे में 28 एमएम बारिश के साथ ही तापमान में गिरावट आई है। क्षेत्र में बुधवार देर शाम से रुक-रुककर हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं किसानों को भी बारिश से फायदा हुआ है।
बृहस्पतिवार को भी दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। कोविड कर्फ्यू के चलते 7 से 10 बजे तक खुलने वाली दुकानों पर भी बारिश के चलते सन्नाटा रहा। क्षेत्र में नालियों के चोक होने से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। थारु राइंका के मौसम वैधशाला प्रभारी नरेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि क्षेत्र में 24 घंटे में 28 एमएम बारिश हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
इधर, नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सीसी मार्ग सीजन की पहली बारिश भी नहीं झेल सका। सीसी मार्ग का प्लास्टर उखड़ कर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया और अब पानी भरने से तालाब की तरह नजर आ रहा है। इस मार्ग का वीडियो भी वायरल हो रहा है। (संवाद)
बारिश से बढ़ जाएगी लीची की मिठास
रुद्रपुर/सितारगंज। दो दिन से हो रही लगातार बारिश से लीची की फसल को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही आम के फल में लगने वाली चैपी भी दूर हो जाएगी। इससे जिले में आम और लीची की अच्छी पैदावार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जिले में 1576 हेक्टेयर में लीची के पैदावार हो रही है। इससे 2313 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। वहीं, 4195 हेक्टेयर में 35 हजार 593 मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में जिले में 18 हेक्टेयर आम का रकबा बढ़ा है। उद्यान निरीक्षक रविंद्रजीत सिंह ने बताया कि बारिश होने के चलते लीची की मिठास और बढ़ जाएगी।
वहीं, आम के फल में लगने वाली चैपी भी धुल जाएगी। इससे आम की पैदावार भी अच्छी होने का अनुमान है। जिले में लीची और आम की पैदावार को बारिश से कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। बताया कि बारिश होने के चलते जल्द लीची पक जाएगी। इसके बाद काश्तकारों की ओर से बाजार में लीची उतारी जाएगी।
उधर, सितारगंज में तिलियापुर गांव निवासी कृषि विशेषज्ञ अजय नारायण ने बताया कि इस बार बरसात से पहले ही भीषण गर्मी में भारी बारिश खेती-खलिहानों के लिए वरदान है। गन्ना और बेमौसमी धान की फसल को लाभ होगा। वहीं, खीरा, ककड़ी, लौकी, तुरई और अन्य पालेज वाली सब्जियों को भी इस बारिश से काफी फायदा मिलेगा। बताया कि इन दिनों जलस्तर घटने लगता था लेकिन इस बार बारिश की वजह से भूमि के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। (संवाद)
बारिश से ट्रांसफार्मर फुंका, पांच पोल भी गिरे
काशीपुर/खटीमा। फाल्ट के चलते 250 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से कई मोहल्लों की बिजली घंटों गुल रही। तेज अंधड़ और बारिश के कारण पांच बिजली के पोल भी ध्वस्त हो गए। इसके चलते कई स्थानों पर पिछले 24 घंटो से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बुधवार रात से तेज हवा के साथ लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस वर्षा के चलते आदर्शनगर कॉलोनी स्थित 250 केवीए के ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया। ट्रांसफार्मर फुंकने से पक्काकोट, कटोराताल, खालसा आदि क्षेत्र की बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि फुंके हुए ट्रांसफार्मर के स्थान पर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आंधी से रामनगर, बाजपुर और दड़ियाल रोड पर पांच विद्युत पोल ध्वस्त होने की सूचना है। बारिश रुकने पर नए पोल लगाए जाएंगे। बारिश के कारण विभाग को 10 से 12 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है।
उधर, खटीमा में यूपी सीमा से लगे हल्दी घेरा पावर स्टेशन पर बुधवार देर रात फाल्ट आने से ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पावर स्टेशन के अंतर्गत चंदेली, पोलीगंज और उलानी फीडर की सप्लाई मशीनों में तकनीकी खराबी व लाइन में फाल्ट के चलते ग्राम मझोला, रघुलिया, वनगवां, सरपुड़ा, बग्गा चौवन, कंचनपुरी, कलेक्टर फार्म आदि में बिजली सप्लाई ठप रही।
जेई पवन उप्रेती ने बताया कि सप्लाई मशीनें काफी पुरानी होने से मशीनों में नमी आ जाती है। इसके चलते आए दिन तकनीकी खराबी आ जाती है। विद्युत कर्मी कार्य पर लगे है, जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। (संवाद)
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समुद्री तूफान ताउते ने गुजरात और मुंबई के बाद विभिन्न राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में भी दस्तक दे दी है। जिले में दो दिन से लगातार बारिश जारी है। बृहस्पतिवार को जिले में 86.9 एमएम बारिश हुई। रुद्रपुर में डीडी चौक, इंदिरा कॉलोनी, अग्रसेन चौक, सिब्बल सिनेमा मार्ग, गांधी पार्क आदि स्थानों पर जलभराव हो गया।
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मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में जलभराव के साथ ही कीचड़ की भी समस्या रही। बारिश के कारण दिन में हल्का अंधेरा छाने के कारण वाहनों की हेडलाइट ऑन नजर आई। बारिश के साथ ही ठंडक बढ़ने से न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया। उधर, जिले में दो दिनों से लगातार तेज बारिश के कारण प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
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हालांकि जिले की नदियों और जलाशयों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। यदि जिले में बारिश इसी तरह लगातार जारी रही तो नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
उधर, दिनेशपुर में भी बारिश से लोग परेशान रहे। नगर और ग्रामीण अंचलों के निचले इलाकों में कई जगह जलभराव हो गया। बारिश के साथ तेज हवा के चलने से कई स्थानों पर बिजली की लाइनों पर पेड़ की टहनियां गिर गईं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। (संवाद)
जिले में भी चक्रवाती तूफान ताउते ने दस्तक दे दी है। इस कारण दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी इसी तरह बारिश की संभावना है। गुजरात में ताउते के सक्रिय होने के कारण जिले में नमी युक्त हवा पहुंच रही है। वहीं, असम राज्य में चक्रवाती संचरण बन रहा है। इससे जिले में अधिक बारिश हो सकती है। - डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय।
लगातार हुई बरसात से तालाब बन गई शहर की सड़कें
काशीपुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से बृहस्पतिवार को शहर की सभी सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। गलियों में भी जलभराव होने से लोग परेशान रहे। नालियां चोक होने से कुछ स्थानों पर कूड़ा सड़क पर आ गया तो कहीं लोगों के घरों तक कीचड़ पहुंच गया।
बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन भर जारी रही। बारिश के पानी से शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं थी, जिसमें जलभराव न हुआ हो। रामनगर रोड पर काफी अधिक जलभराव होने से वाहनों को आवाजाही में परेशानी हुई तो कुछ दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो गए। बाजार की गलियों में भी काफी जलभराव रहा। मानपुर रोड, बाजपुर रोड और मुरादाबाद रोड पर भी जलभराव की समस्या रही। मूसलाधार बारिश से आम की फसल को भी कुछ हद तक नुकसान पहुंचा है।
इधर, सुल्तानपुर पट्टी में भी बारिश ने ग्राम प्रधानों के दावों की पोल खोल दी। नालियों की सफाई न होने और सड़कें ऊंची होने से कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। ग्रामीण शिवकुमार, बसंती देवी, काले सिंह और प्रेम सिंह ने बताया कि ग्राम रामजीवनपुर से सरकरा को जाने वाली सड़क का कुछ महीनों पहले निर्माण हुआ था।
निर्माण में मिट्टी का भरान किया गया था, जिससे सड़क से मिलने वाली तीन छोटी सड़कें नीची हो गईं। इससे बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। सफाई न होने से नालियों में भरा मलबा सड़क पर आता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्राम प्रधान बंटी तोमर ने बताया कि बजट न मिलने से समस्या हो रही है। बजट मिलते ही गांव में सभी छोटी-बड़ी सड़कें और नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
दुकानों में बारिश का पानी घुसने से नुकसान
जसपुर। लगातार हो रही बारिश से नगर के मुख्य बाजार की दुकानों और घरों में नालियों का गंदा पानी भर गया। इससे दुकानों में रखा कीमती सामान खराब हो गया। विधायक ने ईओ और जेई को बुलाकर जलभराव पर नाराजगी व्यक्त की और जल्द व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
लॉकडाउन के चलते कई दिनों से बंद पड़ी दुकानों में चोक पड़ी नालियों का पानी भर गया। व्यापारियों ने विधायक आदेश चौहान को मामले की सूचना दी। विधायक ने मौके पर पहुंचकर नगर पालिका के ईओ जगदीश चंद्र को बुलाया। यहां व्यापारियों का कहना था कि कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। तीन माह से दो नालों का निर्माण भी अधूरा पड़ा है, जिससे उनकी दुकान में पानी भर गया है।
विधायक ने ईओ जगदीश चंद्र को नगर के बाजार और नगर के बाहर भगवंतपुर गांव के पास निर्माणाधीन दोनों नालों का शीघ्र निर्माण कराने और अन्य नालियों की तली झाड़ सफाई कराने को कहा। ईओ ने दोनों नालों का एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया। ईओ ने बताया कि सफाई कर्मियों को बुलवाकर नालियां खुलवा दी गई हैं। (संवाद)
खटीमा में चौबीस घंटे में 28 एमएम बारिश दर्ज
खटीमा। ब्लॉक में चौबीस घंटे में 28 एमएम बारिश के साथ ही तापमान में गिरावट आई है। क्षेत्र में बुधवार देर शाम से रुक-रुककर हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं किसानों को भी बारिश से फायदा हुआ है।
बृहस्पतिवार को भी दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। कोविड कर्फ्यू के चलते 7 से 10 बजे तक खुलने वाली दुकानों पर भी बारिश के चलते सन्नाटा रहा। क्षेत्र में नालियों के चोक होने से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। थारु राइंका के मौसम वैधशाला प्रभारी नरेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि क्षेत्र में 24 घंटे में 28 एमएम बारिश हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
इधर, नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सीसी मार्ग सीजन की पहली बारिश भी नहीं झेल सका। सीसी मार्ग का प्लास्टर उखड़ कर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया और अब पानी भरने से तालाब की तरह नजर आ रहा है। इस मार्ग का वीडियो भी वायरल हो रहा है। (संवाद)
बारिश से बढ़ जाएगी लीची की मिठास
रुद्रपुर/सितारगंज। दो दिन से हो रही लगातार बारिश से लीची की फसल को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही आम के फल में लगने वाली चैपी भी दूर हो जाएगी। इससे जिले में आम और लीची की अच्छी पैदावार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जिले में 1576 हेक्टेयर में लीची के पैदावार हो रही है। इससे 2313 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। वहीं, 4195 हेक्टेयर में 35 हजार 593 मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में जिले में 18 हेक्टेयर आम का रकबा बढ़ा है। उद्यान निरीक्षक रविंद्रजीत सिंह ने बताया कि बारिश होने के चलते लीची की मिठास और बढ़ जाएगी।
वहीं, आम के फल में लगने वाली चैपी भी धुल जाएगी। इससे आम की पैदावार भी अच्छी होने का अनुमान है। जिले में लीची और आम की पैदावार को बारिश से कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। बताया कि बारिश होने के चलते जल्द लीची पक जाएगी। इसके बाद काश्तकारों की ओर से बाजार में लीची उतारी जाएगी।
उधर, सितारगंज में तिलियापुर गांव निवासी कृषि विशेषज्ञ अजय नारायण ने बताया कि इस बार बरसात से पहले ही भीषण गर्मी में भारी बारिश खेती-खलिहानों के लिए वरदान है। गन्ना और बेमौसमी धान की फसल को लाभ होगा। वहीं, खीरा, ककड़ी, लौकी, तुरई और अन्य पालेज वाली सब्जियों को भी इस बारिश से काफी फायदा मिलेगा। बताया कि इन दिनों जलस्तर घटने लगता था लेकिन इस बार बारिश की वजह से भूमि के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। (संवाद)
बारिश से ट्रांसफार्मर फुंका, पांच पोल भी गिरे
काशीपुर/खटीमा। फाल्ट के चलते 250 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से कई मोहल्लों की बिजली घंटों गुल रही। तेज अंधड़ और बारिश के कारण पांच बिजली के पोल भी ध्वस्त हो गए। इसके चलते कई स्थानों पर पिछले 24 घंटो से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बुधवार रात से तेज हवा के साथ लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस वर्षा के चलते आदर्शनगर कॉलोनी स्थित 250 केवीए के ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया। ट्रांसफार्मर फुंकने से पक्काकोट, कटोराताल, खालसा आदि क्षेत्र की बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि फुंके हुए ट्रांसफार्मर के स्थान पर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आंधी से रामनगर, बाजपुर और दड़ियाल रोड पर पांच विद्युत पोल ध्वस्त होने की सूचना है। बारिश रुकने पर नए पोल लगाए जाएंगे। बारिश के कारण विभाग को 10 से 12 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है।
उधर, खटीमा में यूपी सीमा से लगे हल्दी घेरा पावर स्टेशन पर बुधवार देर रात फाल्ट आने से ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पावर स्टेशन के अंतर्गत चंदेली, पोलीगंज और उलानी फीडर की सप्लाई मशीनों में तकनीकी खराबी व लाइन में फाल्ट के चलते ग्राम मझोला, रघुलिया, वनगवां, सरपुड़ा, बग्गा चौवन, कंचनपुरी, कलेक्टर फार्म आदि में बिजली सप्लाई ठप रही।
जेई पवन उप्रेती ने बताया कि सप्लाई मशीनें काफी पुरानी होने से मशीनों में नमी आ जाती है। इसके चलते आए दिन तकनीकी खराबी आ जाती है। विद्युत कर्मी कार्य पर लगे है, जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। (संवाद)