{"_id":"5823695f4f1c1b342fb39425","slug":"take-note-of-five-hundred-to-two-hospitals-commotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच सौ के नोट नहीं लेने पर दो अस्पतालों में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच सौ के नोट नहीं लेने पर दो अस्पतालों में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर के निजी अस्पताल में पांच सौ के नोट नहीं लेने पर चिकित्सक से वार्ता करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़े नोट बंदी के निकट भविष्य में जो भी परिणाम आए लेकिन बुधवार को इस फैसले से कई लोग हलाकान हुए। अस्पतालों में भी लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। जिला मुख्यालय पर दो निजी अस्पतालों में पांच सौ के नोट देने पर मरीजों को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया गया, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ, मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी।
सिविल लाइन स्थित अतुल अस्पताल में गदरपुर निवासी रीना विश्वास पत्नी जितेंद्र विश्वास को और उसके नवजात शिशु को भर्ती कराया गया था, बुधवार को दोनों को डिस्चार्ज किया गया। बिल के रूप में 12 हजार का भुगतान अवशेष था, परिजनों ने आज पांच-पांच सौ के नोट अस्पताल में देकर जच्चा बच्चा को डिस्चार्ज करने को कहा तो अस्पताल की महिला चिकित्सक ने पांच सौ के नोट स्वीकार करने से मना कर दिया और सौ के नोट लाने को कहा। इसे लेकर अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। जिस पर परिजनों ने सूचना देकर पुलिस को बुला लिया, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने 500-500 के नोट इस शर्त पर स्वीकार किए कि नये नोटों के आने पर यह नोट वापस करके नये नोट दिए जाएं।
ऐसा ही दूसरा मामला सिविल लाइन स्थित महाजन अस्पताल में भी सामने आया। यहां ट्रांजिट कैंप निवासी महेश चंद्र गुप्ता की पुत्रवधू को भर्ती कराया गया था, यहां शनिवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बुधवार को परिजनों ने महिला और उसके नवजात बच्चे को डिस्चार्ज कराया। इस दौरान अस्पताल की ओर से दिए गए 9 हजार के बिल का भुगतान करने के लिए परिजनों ने 500-500 के नोट दिए तो चिकित्सक ने लेने से साफ इंकार कर दिया। इस पर परिजनों ने अपना सोना तक रखने की बात कही लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। इससे भड़के परिजनों ने हंगामा भी किया। बाद में चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामला निपटाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल लाइन स्थित अतुल अस्पताल में गदरपुर निवासी रीना विश्वास पत्नी जितेंद्र विश्वास को और उसके नवजात शिशु को भर्ती कराया गया था, बुधवार को दोनों को डिस्चार्ज किया गया। बिल के रूप में 12 हजार का भुगतान अवशेष था, परिजनों ने आज पांच-पांच सौ के नोट अस्पताल में देकर जच्चा बच्चा को डिस्चार्ज करने को कहा तो अस्पताल की महिला चिकित्सक ने पांच सौ के नोट स्वीकार करने से मना कर दिया और सौ के नोट लाने को कहा। इसे लेकर अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। जिस पर परिजनों ने सूचना देकर पुलिस को बुला लिया, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने 500-500 के नोट इस शर्त पर स्वीकार किए कि नये नोटों के आने पर यह नोट वापस करके नये नोट दिए जाएं।
विज्ञापन
ऐसा ही दूसरा मामला सिविल लाइन स्थित महाजन अस्पताल में भी सामने आया। यहां ट्रांजिट कैंप निवासी महेश चंद्र गुप्ता की पुत्रवधू को भर्ती कराया गया था, यहां शनिवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बुधवार को परिजनों ने महिला और उसके नवजात बच्चे को डिस्चार्ज कराया। इस दौरान अस्पताल की ओर से दिए गए 9 हजार के बिल का भुगतान करने के लिए परिजनों ने 500-500 के नोट दिए तो चिकित्सक ने लेने से साफ इंकार कर दिया। इस पर परिजनों ने अपना सोना तक रखने की बात कही लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। इससे भड़के परिजनों ने हंगामा भी किया। बाद में चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामला निपटाया।
विज्ञापन