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Udham Singh Nagar News: सरकारी अस्पताल में जुगाड़ के सहारे चल रही सक्शन मशीन
Tue, 18 Aug 2026 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:24 AM IST
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काशीपुर अस्पताल की ओटी में रखी सक्शन मशीन
काशीपुर। सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में जुगाड़ के सहारे सक्शन मशीन से काम चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के समय कई बार तार जोड़कर मशीन चलनी पड़ती है। बार-बार मांग करने के बाद भी नई मशीनें खरीदी नहीं जा रही है।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में रोज छोटे-बड़े करीब आठ-दस मरीजों के ऑपरेशन होते हैं। अस्पताल की सामान्य ओटी में तीन सक्शन मशीनें रखी हुई हैं। इनमें से दो मशीनें खराब बताई जा रही हैं। तीसरी मशीन भी कई बार ऑपरेशन के समय दगा दे जाती है। बीच में ही ऑपरेशन रुक जाता है। तार जोड़ने पर मशीन चालू होती है। तब जाकर ऑपरेशन शुरू होता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हालांकि अस्पताल में चीरे और दूरबीन से ऑपरेशन करने वाले विशेषज्ञ तैनात हैं। इसके अलावा अन्य उपकरण भी सालों पुराने हो गए हैं। असुविधा होने के बाद भी चिकित्सक दूरबीन व चीरे वाले जटिल से जटिल ऑपरेशन कर रहे हैं। बार-बार कहने के बाद भी नई मशीनें नहीं खरीदी जा रही हैं। 17 जून को चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में सीडीओ के समक्ष इस समस्या को रखा गया था। बावजूद इसके अभी तक मशीनें नहीं खरीदी गईं। सूत्रों ने बताया कि तीनों सक्शन मशीनें करीब दशक पुरानी है। जरूरत के उपकरण न मंगाकर अस्पताल में निर्माण एवं अन्य कार्य पर खूब बजट खर्च हो रहा है जबकि एक मशीन अच्छी कंपनी की 25-30 हजार में आती है।
क्या सक्शन मशीन
विशेषज्ञों के मुताबिक ओटी में सक्शन मशीन का मुख्य प्रयोग सर्जरी के दौरान बह रहे खून, शरीर के तरल पदार्थों और मवाद को साफ करके डॉक्टर को साफ जगह दिखाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका प्रयोग मरीज के गले या सांस की नली से बलगम और लार खींचने में किया जाता है ताकि सांस न रुके। साथ ही इसका काम ऑपरेशन के वक्त अचानक खून या उल्टी आने पर खतरा टालना है।
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कोट -
ओटी में खराब मशीनें और उपकरणों की सूची मंगाई जाएगी। तकनीशियन को दिखवाकर जांच कराई जाएगी। ठीक होने वाली मशीन की मरम्मत करा दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नई मशीनें खरीदवा दी जाएगी। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर
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एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में रोज छोटे-बड़े करीब आठ-दस मरीजों के ऑपरेशन होते हैं। अस्पताल की सामान्य ओटी में तीन सक्शन मशीनें रखी हुई हैं। इनमें से दो मशीनें खराब बताई जा रही हैं। तीसरी मशीन भी कई बार ऑपरेशन के समय दगा दे जाती है। बीच में ही ऑपरेशन रुक जाता है। तार जोड़ने पर मशीन चालू होती है। तब जाकर ऑपरेशन शुरू होता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हालांकि अस्पताल में चीरे और दूरबीन से ऑपरेशन करने वाले विशेषज्ञ तैनात हैं। इसके अलावा अन्य उपकरण भी सालों पुराने हो गए हैं। असुविधा होने के बाद भी चिकित्सक दूरबीन व चीरे वाले जटिल से जटिल ऑपरेशन कर रहे हैं। बार-बार कहने के बाद भी नई मशीनें नहीं खरीदी जा रही हैं। 17 जून को चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में सीडीओ के समक्ष इस समस्या को रखा गया था। बावजूद इसके अभी तक मशीनें नहीं खरीदी गईं। सूत्रों ने बताया कि तीनों सक्शन मशीनें करीब दशक पुरानी है। जरूरत के उपकरण न मंगाकर अस्पताल में निर्माण एवं अन्य कार्य पर खूब बजट खर्च हो रहा है जबकि एक मशीन अच्छी कंपनी की 25-30 हजार में आती है।
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क्या सक्शन मशीन
विशेषज्ञों के मुताबिक ओटी में सक्शन मशीन का मुख्य प्रयोग सर्जरी के दौरान बह रहे खून, शरीर के तरल पदार्थों और मवाद को साफ करके डॉक्टर को साफ जगह दिखाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका प्रयोग मरीज के गले या सांस की नली से बलगम और लार खींचने में किया जाता है ताकि सांस न रुके। साथ ही इसका काम ऑपरेशन के वक्त अचानक खून या उल्टी आने पर खतरा टालना है।
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ओटी में खराब मशीनें और उपकरणों की सूची मंगाई जाएगी। तकनीशियन को दिखवाकर जांच कराई जाएगी। ठीक होने वाली मशीन की मरम्मत करा दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नई मशीनें खरीदवा दी जाएगी। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर