Rudrapur: करोड़ के लालच में STF के जाल में फंस गया तस्कर, उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में खुलासा
उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ ने बरेली के सीबीगंज क्षेत्र से दो हाथी दांतों के साथ तीन वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया था। अब यूपी एसटीएफ हाथी के शिकार वाले क्षेत्र को तस्दीक करने में जुटी है।
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उत्तराखंड एसटीएफ और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बरेली से दो हाथी दांत के साथ पकड़े गए तीन वन्यजीव तस्कर मोटे दामों में दांत बेचना चाहते थे। हाथी दांत बिकवाने की जिम्मेदारी गिरफ्तार सेवादार ने ली थी। उसी के माध्यम से मामले की डील हुई थी, लेकिन भनक एसटीएफ को लग गई थी। अब यूपी एसटीएफ हाथी के शिकार वाले क्षेत्र को तस्दीक करने में जुटी है।
मंगलवार को उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ ने बरेली के सीबीगंज क्षेत्र से दो हाथी दांतों के साथ तीन वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया था। तस्करों में आदित्य विक्रम निवासी मां वैष्णो कुंज, ग्रीन पार्क, थाना बारादरी, बरेली, नत्था सिंह निवासी गंगा बेहड़ फॉर्म, थाना मिगहसन जिला लखीमपुर खीरी व हाल निवासी नानकमत्ता गुरुद्वारा, थाना नानकमत्ता और करण सिंह निवासी, गली नंबर 1 मकान नंबर 3 थाना बारादरी बरेली शामिल थे।
गिरफ्तार नत्था सिंह ने नानकमत्ता गुरुद्वारे का सेवादार था। सूत्रों के अनुसार नत्था सिंह कुछ समय पहले ही आदित्य और करण के संपर्क में आया था। उसने हाथी दांत का सौदा करोड़ों में कराने का जिम्मा लिया था। इसके लिए 50 लाख से अधिक की डील हो चुकी थी, लेकिन अभियुक्तों का लालच करोड़ तक पहुंच गया था।
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हाथी दांत शाहजहांपुर से लाने की बात सामने आई
इसके बाद नत्था सिंह के जरिए दूसरा ग्राहक बरेली में खोजा गया था। इसी बीच एसटीएफ को इसकी भनक लग गई थी और टीम अभियुक्तों के पीछे लगाई थी। मंगलवार को डिलीवरी प्वाइंट पर अभियुक्त दांत लेकर पहुंचे थे, मगर ग्राहक के बजाय एसटीएफ वहां पहुंच गई थी। पूरे मामले में हाथी दांत शाहजहांपुर से लाने की बात सामने आई है। यहां हाथी का शिकार हुआ या फिर कहीं दूसरी जगह से हाथी दांत लाया गया था। एसटीएफ इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने बताया कि इस मामले में बरेली के सीबीगंज थाने में केस दर्ज हुआ है। मामले में आगे की विवेचना बरेली पुलिस करेगी।
जमानत पर छूटने के बाद हरिद्वारी लाल भूमिगत
कुख्यात वन्यजीव तस्कर तोताराम का बेटा हरिद्वारी लाल जमानत पर छूटने के बाद से ही भूमिगत है। बताया जा रहा है कि वह भूमिगत होकर तस्करी के नेटवर्क को चला रहा है। उसके नेटवर्क में अर्जुन कौआ सहित अन्य तस्कर सक्रिय है। वन विभाग के साथ ही एसटीएफ और अन्य एजेंसियां हरिद्वारी लाल का पता लगाने में जुटी हैं, मगर उसकी लोकेशन नहीं मिल पाई है।
हरद्वारी लाल वर्ष 2021 में बाघ की दो खालों के साथ हरिद्वार से अपने साथियों के संग गिरफ्तार हुआ था। उसके पिता तोताराम जमानत पर छूटने के बाद जम्मू कश्मीर में अपनी बेटी के साथ रह रहा है। तोताराम को भी खटीमा से वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया गया था।