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Uttarakhand: जेब में रखे मोबाइल से निकला धुआं...फिर धमाके के साथ फटा, हादसे में श्रमिक झुलसा, जानें पूरा मामला
Mon, 08 Apr 2024 01:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधमसिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:07 PM IST
सार
रुद्रपुर में एक श्रमिक की जेब में रखा मोबाइल फट गया। इससे उसकी टांग झुलस गई। पीड़ित ने पुलिस को मोबाइल कंपनी के खिलाफ तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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जेब में रखे मोबाइल से निकला धुआं फिर धमाके के साथ फटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रुद्रपुर में एक श्रमिक की जेब में रखा मोबाइल फट गया। इससे उसकी टांग झुलस गई। पीड़ित ने पुलिस को मोबाइल कंपनी के खिलाफ तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कंज्यूमर कोर्ट में मोबाइल कंपनी के खिलाफ शिकायत करने की बात भी कही।
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शहर के वार्ड 25 सनसिटी काॅलोनी निवासी महेश पाल पंतनगर सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत है। शनिवार को महेश कंपनी की बस से ड्यूटी के लिए गया। कंपनी गेट पर बस से उतरते समय उसके जेब में रखे मोबाइल से धुआं निकलने लगा। महेश जब तक मोबाइल को जेब से निकालता, वह धमाके के साथ फट गया। इससे उसकी पैंट फट गई और टांग भी झुलस गई।
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रविवार को वह कार्यवाही की मांग को लेकर कोतवाली पहुंचा, जहां से उसे सिडकुल चौकी भेज दिया गया। इसके बाद उसने सिडकुल चौकी में मोबाइल कंपनी के खिलाफ तहरीर दी। महेश ने बताया कि वह कंपनी के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में भी शिकायत करेंगे।
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क्यों फट जाती है मोबाइल की बैटरी
मुंबई के आईटी एक्सपर्ट मंगलेश एलिया ने बताया चार्जिंग के समय मोबाइल के आसपास रेडिएशन हाई रहता है। इस कारण भी बैटरी गरम हो जाती है। इसलिए यह चार्जिंग के वक्त बात करने पर ब्लास्ट हो सकती है। कई बार यूजर्स की गलतियों की वजह से भी बैटरी ओवरहीट होकर फट जाती है। बैटरी के सेल डेड होते रहते हैं जिससे फोन के अंदर के केमिकल में चेंजेस होते हैं और बैटरी फट जाती है।
फोन की बैटरी फटने के पहले मिल सकते हैं 3 संकेत
- फोन की स्क्रीन का ब्लर होना या स्क्रीन में पूरी तरह डार्कनेस आ जाना।
- फोन बार-बार हैंग होना और प्रोसेसिंग स्लो हो जाना।
- बात करते वक्त फोन नॉर्मल से ज्यादा गर्म होना।
इन 9 गलतियों को भी न करें...
- फेक चार्जर, फेक बैटरी का यूज कभी न करें। जिस ब्रांड का फोन यूज कर रहे हैं, उसी का चार्जर यूज करें।
- पीन में भींगे फोन को चार्जिंग पर न लगाएं। फोन चार्ज करते वक्त उसका यूज न करें।
- बैटरी डैमेज हो गई है तो उसे तुरंत फ्रेश बैटरी से एक्सचेंज कर दें।
- एक्स्ट्रीम टेम्प्रेचर में फोन को न रखें।
- मोबाइल को 100% चार्ज न करें। अगर आप 100% चार्ज करते हैं तो इससे बैटरी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। मोबाइल की बैटरी 80 से 85% तक चार्ज करना सही माना जाता है।
- पूरी रात मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देने से बैटरी जल्दी खराब होने लगती है। इसका पूरे मोबाइल की परफॉर्मेंस पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
- मोबाइल को ओरिजिनल चार्जर से चार्ज न करने से मोबाइल की बैटरी धीरे-धीरे खराब होने लगती है। साथ ही चार्जिंग स्पीड भी काफी स्लो होती है।
- मोबाइल की बैटरी 20% से कम होने के पहले ही बार-बार चार्जिंग पर लगा देने से बैटरी जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। कोशिश करें कि मोबाइल की बैटरी 20% से कम होने पर ही चार्जिंग पर लगाएं।
- मोबाइल को किसी भी गर्म जगह पर रखकर चार्ज करने से बैटरी तेजी से गर्म होने लगती है। ऐसा बार-बार करने से बैटरी और मोबाइल जल्दी खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।
इन बातों का भी ध्यान रखें
- फोन चार्जिंग पर लगाकर म्यूजिक सुनने या यूज करने से दुर्घटना होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें यूजर की जान तक जा चुकी है। इसलिए कभी भी चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करें।
- कभी भी स्मार्टफोन को अपने एकदम पास रखकर न सोएं। एक्सपर्ट्स भी कह चुके हैं कि मोबाइल डिवाइसेज नजदीक होने से ब्रेन सिग्नल में बाधा पहुंचती है इससे नींद अच्छे से नहीं आती।
- जहां सूरज की किरणें सीधे आ रही हों या गर्मी वाली जगह जैसे कार के डेशबोर्ड पर मोबाइल को रखकर चार्ज न करें। इससे टेम्प्रेचर बढ़ने के कारण बैटरी ब्लास्ट हो सकती है।
- कई बार हम तकिया के नीचे फोन चार्ज पर लगाकर छोड़ जाते हैं, इससे भी हीट की प्रॉब्लम हो सकती है और आग तक लग सकती है।
- स्मार्टफोन को पावर स्ट्रिप एक्सटेंशन बोर्ड से चार्ज न करें तो बेहतर होता है।
- चार्ज करते समय स्मार्टफोन से कवर को अलग कर देना चाहिए। केस हीट को फैलने से रोकता है।