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Udham Singh Nagar News: चेक बाउंस के दोषी को छह माह की सजा
Tue, 20 Feb 2024 01:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 20 Feb 2024 01:28 AM IST
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न्यायालय ने छह लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
रुद्रपुर। ट्रैक्टर के लिए लोन लेने के बाद फाइनेंस कंपनी को थमाया चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने दोषी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 6.15 लाख का जुर्माना भी लगाया है। इनमें से 6.14 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी को बतौर प्रतिकर अदा करने होंगे।
जानकारी के अनुसार 28 जनवरी 2016 को ग्राम भोगपुर डाम तीर्थ नगर जसपुर निवासी हरदीप सिंह ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से स्वराज ट्रैक्टर खरीदने के लिए चार लाख 53 हजार 384 रुपये का ऋण लिया था। ऋण लेने के बाद हरदीप ने समय से किस्तों का भुगतान नहीं किया। कई बार फाइनेंस कंपनी की ओर से कहने के बाद हरदीप ने सात जुलाई 2017 को छह लाख दो हजार 600 रुपये का चेक जमा किया था। 11 जुलाई 2017 को कंपनी ने चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक विधिक सत्येंद्र कुमार ने अधिवक्ता के माध्यम से हरदीप को नोटिस भेजा। आरोपी ने नोटिस तामील करने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया। मामले की सुनवाई एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन रश्मि गोयल की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की ओर से दी गई दलील और सबूतों के बाद न्यायालय ने हरदीप को दोषी मानकर सजा सुनाई।
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रुद्रपुर। ट्रैक्टर के लिए लोन लेने के बाद फाइनेंस कंपनी को थमाया चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने दोषी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 6.15 लाख का जुर्माना भी लगाया है। इनमें से 6.14 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी को बतौर प्रतिकर अदा करने होंगे।
जानकारी के अनुसार 28 जनवरी 2016 को ग्राम भोगपुर डाम तीर्थ नगर जसपुर निवासी हरदीप सिंह ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से स्वराज ट्रैक्टर खरीदने के लिए चार लाख 53 हजार 384 रुपये का ऋण लिया था। ऋण लेने के बाद हरदीप ने समय से किस्तों का भुगतान नहीं किया। कई बार फाइनेंस कंपनी की ओर से कहने के बाद हरदीप ने सात जुलाई 2017 को छह लाख दो हजार 600 रुपये का चेक जमा किया था। 11 जुलाई 2017 को कंपनी ने चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक विधिक सत्येंद्र कुमार ने अधिवक्ता के माध्यम से हरदीप को नोटिस भेजा। आरोपी ने नोटिस तामील करने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया। मामले की सुनवाई एसीजेएम/द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन रश्मि गोयल की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की ओर से दी गई दलील और सबूतों के बाद न्यायालय ने हरदीप को दोषी मानकर सजा सुनाई।
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