Rudrapur: अस्थायी मदरसे में बच्चियों से यौन शोषण की जांच करेंगी SIT, 18 सदस्यीय टीम गठित; जानें क्या बोले SSP
Rudrapur News: अस्थायी मदरसे में बच्चियों के यौन शोषण मामले में एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने 18 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसएसपी ने कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की जाएगी।
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रुद्रपुर में अस्थायी मदरसे में बच्चियों के यौन शोषण मामले में एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने 18 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसएसपी ने कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की जाएगी। आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करेंगे।
रविवार को एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि 17 अगस्त को एक गांव के अस्थायी मदरसे में छह बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आया था। इस पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोड़के व एएसपी सीओ सिटी निहारिका तोमर के नेतृत्व में टीम को जांच में लगाया था। 18 अगस्त को जांच के बाद पुलिस ने आरोपी मौलवी ग्राम डांग थाना जहानाबाद जिला पीलीभीत निवासी शब्बीर रजा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अब घटना की बारीकी से जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी की ओर से मामले में तकनीकी, भौतिकी और अन्य ठोस साक्ष्य संकलित किए जाएंगे। बताया कि एसआईटी आरोपी शब्बीर को कस्टडी रिमांड पर लेकर साक्ष्य जुटाने में लगी है। मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलाने की पैरवी करेंगे और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे घृणित कृत्य बर्दाश्त नहीं करेंगे।
टीम में ये हैं शामिल
एसआईटी में एसपी सिटी मनोज कत्याल पर्यवेक्षण अधिकारी और सीओ सिटी आईपीएस निहारिका तोमर टीम प्रभारी बनाई गई हैं। महिला उप निरीक्षक दीपा अधिकारी विवेचक, एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर संजय पाठक तकनीकी सहयोगी रहेंगे। एएचटीयू प्रभारी इंस्पेक्टर जीतो कंबोज, महिला हेल्पलाइन प्रभारी इंस्पेक्टर मंजू पांडे, उपनिरीक्षक नंदन सिंह रावत, नवीन बुधानी, जितेंद्र कुमार, महिला एसआई नेहा राणा, एएसआई अमित कुमार, हेड कांस्टेबल सुभाष कुमार, कांस्टेबल भूपेंद्र राम, नीरज भोज, ललित मोहन, गिरीश लाल, महिला कांस्टेबल चांदनी मेहरा और पूजा को सदस्य नामित किया गया है।
मौलवी के मोबाइल से मिले अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य
अस्थायी मदरसे में छह बच्चियों के यौन शोषण के मामले में जेल भेजे गए आरोपी को कोर्ट ने रविवार सुबह नौ से शाम पांच बजे तक पुलिस को कस्टडी रिमांड में सौंपा था। इस बीच पुलिस ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की और उसे अस्थायी मदरसे व बच्चियों के यौन शोषण वाले कमरे में ले गए। पुलिस ने अश्लील वीडियो दिखाने में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिया। उसमें अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य भी मिले। घटना में तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य भी संकलित किए गए। शाम में पुलिस ने उसे हल्द्वानी उप कारागार भेज दिया। टीम में विवेचक महिला एसआई दीपा अधिकारी, एसओ दिनेशपुर नंदन सिंह रावत, चौकी इंचार्ज बगवाड़ा एसआई जितेंद्र कुमार आदि थे।
दो महीने पहले ही आया था
पुलिस के अनुसार आरोपी दो महीने पहले ही यहां आया था। वह मस्जिद की आड़ में अवैध मदरसा चला रहा था, जहां तमाम बच्चे दीनी तालीम लेने आने लगे थे। यौन शोषण की शिकार छह बच्चियों ने एक महीने पहले ही मदरसे में प्रवेश लिया था। प्रवेश के दो-तीन दिन के बाद से ही मौलवी उन्हें कमरे में ले जाकर अश्लील वीडियो दिखा उनका यौन शोषण करता था।
जहानाबाद में भी खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस आरोपी की कुंडली भी खंगाल रही है। दो महीने पहले वह जहानाबाद में रहता था। जहानाबाद में वह कब तक रहा और वहां क्या-क्या किया, इन सबकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने बयान में जहानाबाद में तनख्वाह कम मिलने की बात कबूली है। ऐसे में अब पुलिस शब्बीर के जहानाबाद में रहने के दौरान किए गए कार्यों का पता भी लगाएगी। पुलिस को शक है कि कहीं जहानाबाद में भी वह किसी अपराध को अंजाम देकर तो यहां नहीं आया।
मौलवी की पीसीआर लेकर तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए हैं। मोबाइल से अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य मिले हैं। जिस फोन से बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाई जाती थी, उसे बरामद कर लिया गया है।
- मनोज कत्याल, एसपी सिटी।