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Udham Singh Nagar News: डॉक्टरों की कमी से बढ़ रहा मरीजों का दर्द
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रुद्रपुर। कुमाऊं क्षेत्र के एकमात्र ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टरों का कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट और गायनी विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। हालत यह है कि पूरा अस्पताल जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर के भरोसे चल रहा है।
असल में रोजाना सैकड़ों ईएसआई कार्ड धारक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा भी ठप है। महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती, प्रसूता और अन्य महिला रोगों से संबंधित मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। कई बार इमरजेंसी में भी डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को हल्द्वानी या बरेली रेफर करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि ईएसआई कार्ड होने के बावजूद उन्हें बाहर जांच और इलाज कराना पड़ रहा है। कर्मचारी संगठन कई बार शासन और ईएसआईसी प्रशासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की तैनाती और मशीनें उपलब्ध कराने की मांग कर चुका है।
इनसेट
जांच के निर्देश ठंडे बस्ते में
मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिलने का मामला बीते दिनों दिशा की बैठक में पहुंचा था। सांसद अजय भट्ट ने कड़ी नाराजगी जताकर एमएस को तलब किया था। उन्होंने तहसीलदार और पुलिस भेजकर एमएस को बुलाकर डॉक्टरों की स्थिति जानी और अस्पताल की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच के लिए सीडीओ और सीएमओ को कहा था लेकिन जांच ठंडे बस्ते में है।
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कोट
डॉक्टरों की कमी की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही रिक्त पदों पर तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -प्रवीण वर्मा, एमएस, ईएसआईसी
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असल में रोजाना सैकड़ों ईएसआई कार्ड धारक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा भी ठप है। महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती, प्रसूता और अन्य महिला रोगों से संबंधित मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। कई बार इमरजेंसी में भी डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को हल्द्वानी या बरेली रेफर करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि ईएसआई कार्ड होने के बावजूद उन्हें बाहर जांच और इलाज कराना पड़ रहा है। कर्मचारी संगठन कई बार शासन और ईएसआईसी प्रशासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की तैनाती और मशीनें उपलब्ध कराने की मांग कर चुका है।
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जांच के निर्देश ठंडे बस्ते में
मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिलने का मामला बीते दिनों दिशा की बैठक में पहुंचा था। सांसद अजय भट्ट ने कड़ी नाराजगी जताकर एमएस को तलब किया था। उन्होंने तहसीलदार और पुलिस भेजकर एमएस को बुलाकर डॉक्टरों की स्थिति जानी और अस्पताल की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच के लिए सीडीओ और सीएमओ को कहा था लेकिन जांच ठंडे बस्ते में है।
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डॉक्टरों की कमी की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही रिक्त पदों पर तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -प्रवीण वर्मा, एमएस, ईएसआईसी