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Udham Singh Nagar News: शराब पीने से डांटने पर पुराने सेवादार ने की थी श्रीहरिगिरि महाराज की हत्या
Mon, 29 Jan 2024 02:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 29 Jan 2024 02:19 AM IST
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खटीमा। भारामल मंदिर के महंत श्री हरिगिरि महाराज की हत्या उनके ही पुराने सेवादार ने अपने भाई और एक हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर की थी। महंत ने मंदिर परिसर में शराब पीने पर तीनों को डांटकर भगा दिया था, जिस कारण वे उनसे रंजिश रखने लगे थे। शनिवार रात पुलिस ने तीनों को पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को झनकईया थाने में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि नौगांव टीपीनगर पीलीभीत (यूपी) निवासी कालीचरण पांच साल पहले भारामल सिद्धपीठ में सेवादार था। उसका भाई रामपाल बरखेड़ा (पीलीभीत) स्थित श्मशानघाट पर औघड़ बाबा है। 25 दिसंबर को भारामल मंदिर में लगे भंडारे में दोनों भाई सुनगढ़ी (पीलीभीत) निवासी पवन कुमार के साथ आए थे। पवन थाना सुनगढ़ी का हिस्ट्रीशीटर है। तीनों भंडारे के दौरान शराब पी रहे थे, जिस पर श्रीहरिगिरि महाराज ने उन्हें डांटकर भगा दिया था। रंजिशन उन्होंने हरिगिरि महाराज की हत्या कर मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लूटने की योजना बनाई।
चार जनवरी को तीनों टाटा मैजिक में सवार होकर पीलीभीत से खटीमा पहुंचे। इसके बाद ऑटो और पैदल चलकर शाम के समय भारामल मंदिर पहुंचे। उन्होंने दरांती से पेड़ों से लकड़ी काटी। रात करीब 11 बजे वह लूट की योजना बनाने लगे। तभी हरिगिरि महाराज जागे तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से वार कर उनकी हत्या कर दी। उनको बचाने आए सेवादार नन्हे पर भी लाठियों से हमला किया। नन्हे को मरा समझकर वे दोबारा दानपात्र को लूटने लगे। तभी उन्होंने वहां पहुंचे सेवादार रूप सिंह बिष्ट की भी लाठियों से पीटकर हत्या कर दी।
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वारदात करने के बाद तीनों पैदल ही सूखी नदी के पुल को पार कर जंगल में छिप गए। अगले दिन छिपते हुए पीलीभीत पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि शनिवार रात पवन और रामपाल को बरखेड़ा और कालीचरण को सुनगढ़ी से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहां पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोड़के, एसपी काशीपुर अभय सिंह, एएसपी वीर सिंह, सीओ ओम प्रकाश थे।
रविवार को झनकईया थाने में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि नौगांव टीपीनगर पीलीभीत (यूपी) निवासी कालीचरण पांच साल पहले भारामल सिद्धपीठ में सेवादार था। उसका भाई रामपाल बरखेड़ा (पीलीभीत) स्थित श्मशानघाट पर औघड़ बाबा है। 25 दिसंबर को भारामल मंदिर में लगे भंडारे में दोनों भाई सुनगढ़ी (पीलीभीत) निवासी पवन कुमार के साथ आए थे। पवन थाना सुनगढ़ी का हिस्ट्रीशीटर है। तीनों भंडारे के दौरान शराब पी रहे थे, जिस पर श्रीहरिगिरि महाराज ने उन्हें डांटकर भगा दिया था। रंजिशन उन्होंने हरिगिरि महाराज की हत्या कर मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लूटने की योजना बनाई।
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चार जनवरी को तीनों टाटा मैजिक में सवार होकर पीलीभीत से खटीमा पहुंचे। इसके बाद ऑटो और पैदल चलकर शाम के समय भारामल मंदिर पहुंचे। उन्होंने दरांती से पेड़ों से लकड़ी काटी। रात करीब 11 बजे वह लूट की योजना बनाने लगे। तभी हरिगिरि महाराज जागे तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से वार कर उनकी हत्या कर दी। उनको बचाने आए सेवादार नन्हे पर भी लाठियों से हमला किया। नन्हे को मरा समझकर वे दोबारा दानपात्र को लूटने लगे। तभी उन्होंने वहां पहुंचे सेवादार रूप सिंह बिष्ट की भी लाठियों से पीटकर हत्या कर दी।
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वारदात करने के बाद तीनों पैदल ही सूखी नदी के पुल को पार कर जंगल में छिप गए। अगले दिन छिपते हुए पीलीभीत पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि शनिवार रात पवन और रामपाल को बरखेड़ा और कालीचरण को सुनगढ़ी से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहां पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोड़के, एसपी काशीपुर अभय सिंह, एएसपी वीर सिंह, सीओ ओम प्रकाश थे।