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छात्रवृत्ति घोटाला : झज्झर और महेंद्रगढ़ के दो कॉलेजों और चार दलालों पर केस
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केलाखेड़ा (बाजपुर)/जसपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने रविवार को केलाखेड़ा और जसपुर में दो मुकदमे दर्ज कराए। केलाखेड़ा थाने में हरियाणा के झज्झर स्थित एक कॉलेज और दो बिचौलियों के खिलाफ जबकि जसपुर कोतवाली में हरियाणा के महेंद्रगढ़ के एक लॉ कॉलेज और दो दलालों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
रविवार देर शाम को एसआईटी के इंस्पेक्टर जीबी जोशी ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में हरियाणा के झज्झर स्थित मां गंगा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के स्वामी/प्रबंधक, बाजपुर के गांव बेरिया दौलत निवासी राजेंद्र उर्फ राजू और काशीपुर के गांव बरखेड़ा पांडे निवासी इरशाद उर्फ गुड्डू के खिलाफ केलाखेड़ा थाने में धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 व 120बी के तहत केस दर्ज कराया। मामले की जांच एसआई प्रवीण कुमार को सौंपी गई है।
थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में केलाखेड़ा क्षेत्र के 395 विद्यार्थियों का सत्यापन कर जांच की गई। इसमें 15 छात्रों ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने और फर्जी दस्तावेज लगाकर छात्रवृत्ति हड़पने की बात कही है। इधर, एसआईटी इंस्पेक्टर जोशी ने बताया कि छात्रों के फर्जी दस्तावेेजों और उनके अभिभावकों के फर्जी हस्ताक्षर कर बिचौलियों ने समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति आवंटित कराकर राज्य सरकार की 6,62,900 रुपये का सरकारी धनराशि हड़पी है। इधर, बाजपुर कोतवाली के एसएसआई एमसी कांडपाल ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में बाजपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज है। इनमें नामजद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। क्षेत्र के 60 विद्यार्थियों से पूछताछ कर बयान दर्ज कर चुके है। अपने बयानों में अधिकांश विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात स्वीकार की है।
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उधर, जसपुर कोतवाली में एसआईटी प्रभारी भीम भास्कर आर्य ने दर्ज कराए केस में कहा है हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित श्री कृष्णा लॉ कॉलेज में अध्ययनरत 31 छात्रों में से 10 छात्रों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि लॉ कॉलेज ने दो दलालों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से 4,73,500 रुपये हड़पे हैं। जांच में पता चला कि चंद्र प्रकाश सिंह निवासी मोहल्ला चौहाना पट्टी ने कंप्यूटर कोर्स कराने के नाम से छात्रों के मूल शैक्षिक और अन्य प्रमाण पत्र लिए थे। बाद में उनके खाते में छात्रवृत्ति आने पर तीन-तीन हजार रुपये देकर शेष धनराशि स्वयं लेकर उनके मूल प्रमाण उन्हें पकड़ा दिए। कुछ छात्रों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2005 में बीएड किया था ना कि वर्ष 2014 में। वहीं, कुछ ने बताया कि वे सामान्य जाति से आते हैं, उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिलती। बावजूद इसके दिग्विजय सिंह निवासी पंजाबी कॉलोनी ने उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर उक्त कॉलेज में छात्रवृत्ति लेकर हड़प ली। एसआईटी को कई छात्रों के अभिलेखों में कई अनियमितताएं भी मिली हैं। कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि एसआईटी प्रभारी की तहरीर पर चंद्र प्रकाश एवं दिग्विजय समेत हरियाणा के लॉ कालेज के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर एसएसआई को मामले की जांच सौंपी है।
पीजीडीएम कोर्स के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के दायरे में आए बाहरी शैक्षिक संस्थानों में पीजीडीएम कोर्स के नाम पर सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। इस कोर्स को कराने के लिए एक छात्र को 96 हजार रुपये की छात्रवृत्ति बांट दी गई, जो अन्य कोर्स की छात्रवृत्ति से कई गुना अधिक है। एसआईटी मामले का खुलासा होने के बाद ऐसे छात्रों की अलग सूची तैयार कर रही है।
बीते सितंबर में छात्रवृत्ति घोटाले का जिन्न बाहर आने के बाद एसआईटी लगातार शैक्षिक संस्थान व दलालों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस कार्यालय के बाद अब पुलिस लाइन में छात्रों के दस्तावेजों की जांच कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बाहरी राज्यों के 303 शैक्षिक संस्थानों में दर्शाए गए छात्रों के दस्तावेजों की भौतिक जांच में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी की जांच में जसपुर के सबसे ज्यादा छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति हड़पने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। अब इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पीजीडीएम कोर्स कराने के नाम पर छात्रों को सबसे ज्यादा 96 हजार रुपये तक बांट दिए गए जबकि यह राशि छात्रों को कभी मिली ही नहीं थी। इसके साथ ही बी. लिब के नाम पर 80 हजार रुपये, बीपीएड के नाम पर 30 हजार, बीएड के नाम पर 40 हजार और सीटेट के नाम पर 70 हजार रुपये तक फर्जी ढंग से निकाले गए।
आधा दर्जन छात्रों के दस्तावेजों की जांच
रुद्रपुर। रविवार को अवकाश के दिन भी एसआईटी ने छात्रों के दस्तावेज जांचने के बाद बयान दर्ज किए। इस दौरान एक दर्जन छात्रों से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि अधिकतर छात्रों के दस्तावेज लेने के बाद उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली। लेकिन शैक्षिक संस्थानों से उनके नाम पर छात्रवृत्ति बांटी गई।
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रविवार देर शाम को एसआईटी के इंस्पेक्टर जीबी जोशी ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में हरियाणा के झज्झर स्थित मां गंगा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के स्वामी/प्रबंधक, बाजपुर के गांव बेरिया दौलत निवासी राजेंद्र उर्फ राजू और काशीपुर के गांव बरखेड़ा पांडे निवासी इरशाद उर्फ गुड्डू के खिलाफ केलाखेड़ा थाने में धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 व 120बी के तहत केस दर्ज कराया। मामले की जांच एसआई प्रवीण कुमार को सौंपी गई है।
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थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में केलाखेड़ा क्षेत्र के 395 विद्यार्थियों का सत्यापन कर जांच की गई। इसमें 15 छात्रों ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने और फर्जी दस्तावेज लगाकर छात्रवृत्ति हड़पने की बात कही है। इधर, एसआईटी इंस्पेक्टर जोशी ने बताया कि छात्रों के फर्जी दस्तावेेजों और उनके अभिभावकों के फर्जी हस्ताक्षर कर बिचौलियों ने समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति आवंटित कराकर राज्य सरकार की 6,62,900 रुपये का सरकारी धनराशि हड़पी है। इधर, बाजपुर कोतवाली के एसएसआई एमसी कांडपाल ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में बाजपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज है। इनमें नामजद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। क्षेत्र के 60 विद्यार्थियों से पूछताछ कर बयान दर्ज कर चुके है। अपने बयानों में अधिकांश विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात स्वीकार की है।
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उधर, जसपुर कोतवाली में एसआईटी प्रभारी भीम भास्कर आर्य ने दर्ज कराए केस में कहा है हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित श्री कृष्णा लॉ कॉलेज में अध्ययनरत 31 छात्रों में से 10 छात्रों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि लॉ कॉलेज ने दो दलालों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से 4,73,500 रुपये हड़पे हैं। जांच में पता चला कि चंद्र प्रकाश सिंह निवासी मोहल्ला चौहाना पट्टी ने कंप्यूटर कोर्स कराने के नाम से छात्रों के मूल शैक्षिक और अन्य प्रमाण पत्र लिए थे। बाद में उनके खाते में छात्रवृत्ति आने पर तीन-तीन हजार रुपये देकर शेष धनराशि स्वयं लेकर उनके मूल प्रमाण उन्हें पकड़ा दिए। कुछ छात्रों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2005 में बीएड किया था ना कि वर्ष 2014 में। वहीं, कुछ ने बताया कि वे सामान्य जाति से आते हैं, उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिलती। बावजूद इसके दिग्विजय सिंह निवासी पंजाबी कॉलोनी ने उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर उक्त कॉलेज में छात्रवृत्ति लेकर हड़प ली। एसआईटी को कई छात्रों के अभिलेखों में कई अनियमितताएं भी मिली हैं। कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि एसआईटी प्रभारी की तहरीर पर चंद्र प्रकाश एवं दिग्विजय समेत हरियाणा के लॉ कालेज के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर एसएसआई को मामले की जांच सौंपी है।
पीजीडीएम कोर्स के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के दायरे में आए बाहरी शैक्षिक संस्थानों में पीजीडीएम कोर्स के नाम पर सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। इस कोर्स को कराने के लिए एक छात्र को 96 हजार रुपये की छात्रवृत्ति बांट दी गई, जो अन्य कोर्स की छात्रवृत्ति से कई गुना अधिक है। एसआईटी मामले का खुलासा होने के बाद ऐसे छात्रों की अलग सूची तैयार कर रही है।
बीते सितंबर में छात्रवृत्ति घोटाले का जिन्न बाहर आने के बाद एसआईटी लगातार शैक्षिक संस्थान व दलालों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस कार्यालय के बाद अब पुलिस लाइन में छात्रों के दस्तावेजों की जांच कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बाहरी राज्यों के 303 शैक्षिक संस्थानों में दर्शाए गए छात्रों के दस्तावेजों की भौतिक जांच में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी की जांच में जसपुर के सबसे ज्यादा छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति हड़पने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। अब इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पीजीडीएम कोर्स कराने के नाम पर छात्रों को सबसे ज्यादा 96 हजार रुपये तक बांट दिए गए जबकि यह राशि छात्रों को कभी मिली ही नहीं थी। इसके साथ ही बी. लिब के नाम पर 80 हजार रुपये, बीपीएड के नाम पर 30 हजार, बीएड के नाम पर 40 हजार और सीटेट के नाम पर 70 हजार रुपये तक फर्जी ढंग से निकाले गए।
आधा दर्जन छात्रों के दस्तावेजों की जांच
रुद्रपुर। रविवार को अवकाश के दिन भी एसआईटी ने छात्रों के दस्तावेज जांचने के बाद बयान दर्ज किए। इस दौरान एक दर्जन छात्रों से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि अधिकतर छात्रों के दस्तावेज लेने के बाद उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली। लेकिन शैक्षिक संस्थानों से उनके नाम पर छात्रवृत्ति बांटी गई।